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Published: Tue, 06 Oct 2026 06:17 PM (IST)

राज्य के विश्वविद्यालयों में पीएचडी नामांकन और शोध कार्य की निगरानी के लिए जल्द ही एक सेल का गठन होगा। ...और पढ़ें

बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोध कार्य की निगरानी को बनेगा विशेष सेल (AI Generated Image)

बिहार के विश्वविद्यालयों में पीएचडी शोध कार्य की निगरानी को बनेगा विशेष सेल (AI Generated Image)

HighLights

  1. पीएचडी नामांकन और शोध कार्य की निगरानी हेतु सेल।

  2. राज्यपाल सचिवालय ने कुलपतियों से मांगे हैं सुझाव।

  3. नेट योग्यता उसी वर्ष के पीएचडी नामांकन चक्र में मान्य।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के विश्वविद्यालयों में पीएचडी में नामांकन और तय मानकों के आधार पर शोध कार्य की प्रगति की सतत निगरानी के लिए शीघ्र ही सेल गठित होगा। इसके लिए राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों से सुझाव मांगा है। प्राप्त सुझावों के आधार पर गाइडलाइन भी तैयार किया किया जाएगा।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन के स्तर से पीएचडी में नामांकन के नए मानक निर्धारित करने के बाद यह पहल हो रही है। अभी कई विश्वविद्यालयों में पीएचडी नामांकन से संबंधित कई स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिली है।

ऐसे में पीएचडी ऑर्डिनेंस और पीएचडी रेगुलेशन-2026 के नए प्रविधानों के अनुरूप ही प्रवेश लेने का आदेश सभी विश्वविद्यालयों को दिया गया है।

राज्यपाल सचिवालय ने जिन विश्वविद्यालयों में सेल बनाने का निर्णय लिया है उसमें मगध विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, बीआर आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह संस्कृत दरभंगा विश्वविद्यालय, पूर्णिया विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय, बीएन मंडल विश्वविद्यालय और तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय शामिल हैं।

दरअसल, राज्यपाल सचिवालय ने पीएचडी में नेट की पात्रता को लेकर भी स्पष्ट आदेश दिया है। इसके तहत नई व्यवस्था में जिस वर्ष अभ्यर्थी ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है, उसे उसी वर्ष के पीएचडी में नामांकन चक्र के लिए पात्र माना जाएगा।

नेट योग्यता और उसके वेटेज का निर्धारण पीएचडी रेगुलेशन के अनुसार होगा। सभी विश्वविद्यालय पीएचडी नामांकन प्रक्रिया से संबंधित लंबित प्रक्रिया को नियमित करेंगे।

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