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मुजफ्फरपुर में डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त 12 प्रभारी प्राचार्य वापस, राजभवन के आदेश पर बदलाव

Published: Mon, 05 Oct 2026 09:02 PM (IST)

Bihar University Principal Appointment News: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने राजभवन के आदेश पर डिग्री कॉलेजों में प्रतिनियुक्त 12 प्रभारी प्राचार्यों ...और पढ़ें

नजदीकी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर विश्वविद्यालय को सूचित करेंगे।

नजदीकी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर विश्वविद्यालय को सूचित करेंगे।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। BRA Bihar University News: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने राजभवन के आदेश के करीब डेढ़ महीने बीतने के बाद डिग्री कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्यों की प्रतिनियुक्ति सोमवार को वापस ले ली।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए राजभवन के निर्देशों का हवाला दिया है। नए डिग्री कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी अब नजदीकी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को सौंपी गई है।

मूल विभाग में योगदान

विश्वविद्यालय की अधिसूचना के तहत 12 शिक्षकों को डिग्री कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य पद से हटाकर वापस उनके मूल विभाग और अंगीभूत कॉलेजों में योगदान देने का निर्देश जारी किया गया है।

सभी संबंधित शिक्षकों को आठ तारीख तक विरमित होकर अपने मूल संस्थानों में योगदान देना होगा। वहीं नजदीकी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य अतिरिक्त प्रभार ग्रहण कर विश्वविद्यालय को सूचित करेंगे।

इन शिक्षकों की वापसी

वापस बुलाए गए शिक्षकों में प्रो. आरएन ओझा, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. मकबूल हुसैन, प्रो. श्याम रंजन, प्रो. विजय कुमार, प्रो. राजीव झा, प्रो. रामेश्वर राय, प्रो. राजेंद्र प्रसाद, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. विजय कुमार, प्रो. प्रदीप कुमार चौधरी और प्रो. संजय कुमार सुमन शामिल हैं।

विश्वविद्यालय ने 12 मई को आदेश जारी कर इन्हें नए डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य बनाया था, जिसके बाद कई शिक्षकों ने स्वयं को इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया था।

राजभवन के निर्देश का पालन

हालांकि राजभवन की ओर से जारी निर्देशों का विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंशिक रूप से ही पालन किया है और करीब आधा दर्जन शिक्षकों के आवेदनों पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया गया है।

राजभवन ने 18 अगस्त और फिर 7 सितंबर को दोबारा पत्र भेजकर प्रभारी प्राचार्यों को मुक्त कर नजदीकी अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्यों को चार्ज सौंपने का सख्त निर्देश दिया था। इसी दूसरे आदेश के बाद विश्वविद्यालय ने यह कदम उठाया है।