Bihar New Zoo: बिहार को मिलने वाला है नया चिड़ियाघर, गयाजी में जंगल की 45.9 हेक्टेयर जमीन पर होगा निर्माण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर बिहार में बंजर वन भूमि के औद्योगिक उपयोग पर ...और पढ़ें

बिहार का नया चिड़ियाघर (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
गयाजी में 45.9 हेक्टेयर वन भूमि पर नया चिड़ियाघर।
बंजर वन भूमि का औद्योगिक ढांचागत संरचनाओं में उपयोग होगा।
पांच अन्य औद्योगिक व पर्यटन परियोजनाओं पर प्रारंभिक सहमति बनी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में उपलब्ध बंजर वन भूमि का उपयोग औद्योगिक ढांचागत संरचनाओं के निर्माण में भी होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से इस संदर्भ में विचार-विमर्श किया।
तय हुआ कि गयाजी में 45.9 हेक्टेयर वन भूमि पर चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। इसके अलावा पांच अन्य परियोजनाओं पर प्रारंभिक सहमति बनी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए परियोजनाएं आगे बढ़ेंगी। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा। औद्योगिक विकास के साथ पर्यटन एवं आधारभूत संरचना को भी नई गति मिलेगी।
पांच अन्य प्रस्ताव
- जमुई जिला में प्रस्तावित सौर ऊर्जा एवं इस्पात उद्योगों की स्थापना के लिए कुल 9000 एकड़ आवश्यक भूमि में से 4340 एकड़ वन भूमि के उपयोग का प्रस्ताव
- गया जिला के डोभी में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आइएमसी) की स्थापना के लिए कुल 1600 एकड़ भूमि में से 1308.72 एकड़ वन भूमि के उपयोग का प्रस्ताव
- पश्चिम चंपारण जिला में वाल्मीकि व्याघ्र अभयारण्य के अंतर्गत 5.8 किलोमीटर लंबे मदनपुर-पनियहवा पथ की मरम्मत तथा इसे प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव
- मुंगेर जिला के तारापुर अनुमंडल के अंतर्गत संग्रामपुर में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कुल 114 एकड़ भूमि में से 84 एकड़ आवश्यक जंगल झाड़ भूमि के उपयोग का प्रस्ताव
- मुंगेर जिला के भीमबांध क्षेत्र में ईको-टूरिज्म की व्यापक संभावनाओं को विकसित करने के लिए आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इन प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया।