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बिहार में डिजिटल होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, क्यूआर कोड से मिलेगी अस्पताल में खाली बेडों की रियल टाइम जानकारी

Published: Thu, 10 Sep 2026 07:38 AM (GMT+05:30)

बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल किया जाएगा, जिसमें रेफरल सिस्टम, एंबुलेंस सेवाओं का एकीकरण और टेली-मेडिसिन का विस्तार शामिल है।

निशांत कुमार

निशांत कुमार

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राज्य ब्यूरो, पटना। रेफरल व्यवस्था को सॉफ्टवेयर आधारित बनाया जाएगा, ताकि वास्तविक निगरानी हो सके। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा। इमरजेंसी रेफरल के मामलों में एंबुलेंस में ही मरीज की स्थिति का आकलन कर डैशबोर्ड के माध्यम से कंट्रोल सेंटर को सूचित किया जाएगा। इमरजेंसी नेटवर्क के माध्यम से 102 एवं 108 सेवाओं को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। 

एंबुलेंस में उपलब्ध कियोस्क से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की रियल टाइम जानकारी तथा मरीज की वर्तमान लोकेशन संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एम्स, आइजीएआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच को पायलट प्रोजेक्ट में सम्मिलित किया जाएगा। ये सभी निर्देश स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दिए, जो गुरुवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के सभागार में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट

बैठक में रेफरल व्यवस्था, स्मार्ट एंबुलेंस, टेली-मेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने, क्यूआर कोड आधारित बेड मैनेजमेंट एवं बेड की रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित की जाए। 

मरीजों के खान-पान से संबंधित जानकारी एएनएम, आशा एवं जीविका दीदी से मिलेगी। आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रभावी दवाओं की जानकारी भी संकलित की जाएगी। टेली-मेडिसिन सेवा को सुदृढ़ करने के लिए 104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावना देखी जाएगी। 

मंत्री ने एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं कार्यक्षमता बढ़ाने तथा मरीजों के डेटा के प्रभावी उपयोग का निर्देश दिया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, बीएमएसआइसीएल के एमडी सुब्रत सेन आदि उपस्थित रहे।

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