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रामविलास पासवान को मिला बड़ा सम्मान, चिराग पासवान ने बिहार सरकार के फैसले पर कही ये बात

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:26 PM (IST)

बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का ...और पढ़ें

रामव‍िलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने के फैसले पर च‍िराग पासवान ने जताया आभार। फाइल

रामव‍िलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाए जाने के फैसले पर च‍िराग पासवान ने जताया आभार। फाइल

HighLights

  1. रामविलास पासवान जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में।

  2. बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के सम्मान में लिया फैसला।

  3. चिराग पासवान ने पिता के योगदान को सराहा, सरकार का आभार।

राज्‍य ब्‍यूरो, पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित रामविलास पासवान जी की जयंती प्रत्येक वर्ष 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इसका स्वागत किया है। पार्टी ने इसे रामविलास पासवान के ऐतिहासिक सामाजिक योगदान और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण का सम्मान बताया है।

इसपर केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार सरकार के प्रत‍ि आभार जताया है। 

ऐत‍िहासिक-सामाज‍िक योगदान के प्रत‍ि सम्‍मान 

उन्‍होंने कहा क‍ि मेरे नेता–मेरे पिता, पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान की जयंती 5 जुलाई को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की स्वीकृति प्रदान करना उनके ऐतिहासिक सामाजिक योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।  

पापा (रामव‍िलास पासवान) ने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों, शोषितों, दलितों, गरीबों एवं समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई के लिए समर्पित किया।

उनका जीवन, उनके विचार और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।उन्‍होंने अपने राजनीतिक जीवन में सामाजिक न्याय, समानता और जनकल्याण को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

च‍िराग ने बिहार सरकार का जताया आभार 

बिहार की धरती से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले रामविलास पासवान ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभालते हुए देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया।

LJP-R का मानना है कि प्रत्येक वर्ष 5 जुलाई को उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाना उनके विचारों, संघर्षों और जनसेवा के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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