बिहार के शिक्षकों और कर्मियों को छठ से पहले मिलेगी पेंडिंग सैलरी, शिक्षा मंत्री का निर्देश
बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को छठ पर्व से पहले लंबित वेतन का भुगतान किया जाएगा। शिक्षा ...और पढ़ें

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
HighLights
छठ से पहले लंबित वेतन भुगतान का निर्देश जारी।
वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, मंत्री ने चिंता जताई।
स्कूलों में सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी लगाने पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षतों और कर्मचारियों को लंबित वेतन का भुगतान छठ से पहले होगा। बुधवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छठ पर्व से पहले लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।
उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बुधवार को उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया।
उन्होंने जिलों में सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर चिंता जताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।
उम्र सीमा 61 से बढ़ाकर 64 करने का प्रस्ताव
बैठक में 65 वर्ष की उम्र पार कर चुके अधिकारियों व कर्मियों को हटाने तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा सेवा में रखने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 61 से बढ़ाकर 64 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए एसओपी तैयार करने व शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति तय करने का निर्देश दिया।
उन्होंने करीब पांच प्रतिशत शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर उपस्थिति की फूलप्रूफ व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा गार्ड होंगे तैनात
विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति पर असंतोष जताते हुए शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को इस संबंध में एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों अथवा उच्चस्तरीय निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा गार्ड तैनात करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया।
इसके अलावा सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों सहित सभी विद्यालयों को सीसीटीवी से लैस करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी सात श्रेणियों के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रस्तावित विद्या भवन का प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इसके निर्माण पर करीब 248 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शिक्षा मंत्री ने संबंधित प्रस्ताव पर आवश्यक पहल करने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता के साथ तेजी लाने पर जोर दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव सीके अनिल, सचिव राजीव रौशन एवं विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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