बिहार के 6 शहरी निकायों में होगा विशेष भूमि सर्वेक्षण, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन
बिहार सरकार ने सोनपुर, बक्सर, बांका, डेहरी, डालमियानगर, राजगीर और तारापुर सहित 6 शहरी निकायों में विशेष भूमि सर्वेक्षण की अधिसूचना जारी की है।

बिहार के 6 शहरी निकायों में होगा विशेष भूमि सर्वेक्षण, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन
HighLights
छह शहरी निकायों में विशेष भूमि सर्वेक्षण की अधिसूचना जारी।
सरकारी जमीन का उपयोग विकास योजनाओं के लिए होगा।
सोनपुर, बक्सर, बांका, डेहरी, राजगीर, तारापुर शामिल।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार 6 जिलों के शहरी निकायों का विशेष भूमि सर्वेक्षण प्राथमिकता के आधार पर कराने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
इस सूची में सोनपुर, बक्सर, बांका, डेहरी, डालमियानगर और राजगीर नगर परिषद,और तारापुर नगर पंचायत शामिल हैं।
अधसूचना के मुताबिक, विशेष भूमि सर्वेक्षण में इन निकायों में अवस्थित सरकारी जमीन को खास तौर पर शामिल किया गया है, ताकि इनका उपयोग सरकार की विकास योजनाओं के लिए हो सके।
विभाग को इन निकायों के लिए अलग से आदेश इसलिए जारी करना पड़ा, क्योंकि इस समय ग्रामीण क्षेत्रों का विशेष भूमि सर्वेक्षण हो रहा है। अन्य शहरी निकायों के लिए बाद में अधिसूचना जारी हाेगी।
जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटकर होगी कारखानों की जांच
कामगारों की सुरक्षा के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने कारखानों के निरीक्षण की व्यवस्था में बदलाव निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य में संचालित कल-कारखानों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कारखानों को निम्न, मध्यम और उच्च जोखिम की श्रेणियों में बांटने का निर्णय लिया है। सबसे कम जोखिम वाले कारखानों को निम्न जोखिम श्रेणी में रखा जाएगा। इससे अधिक जोखिम वाली इकाइयां मध्यम और सबसे अधिक जोखिम वाली इकाइयां उच्च जोखिम श्रेणी में शामिल होंगी।
निम्न जोखिम वाले कारखानों का विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण नहीं करेंगे। हालांकि, किसी कारखाने में गंभीर दुर्घटना होने पर उसे निम्न जोखिम श्रेणी से हटाकर दूसरी श्रेणी में रखा जा सकता है। उच्च जोखिम वाले कारखानों में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जाकर जांच-पड़ताल करेंगे।
निरीक्षण के बाद रिपोर्ट विभागीय सचिव और श्रमायुक्त को सौंपी जाएगी। इस श्रेणी में शामिल कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था की गहनता से जांच की जाएगी, ताकि खामियों की पहचान कर आवश्यक सुधार त किए जा सकें।
मध्यम जोखिम वाले कारखानों की सुरक्षा ऑडिट थर्ड पार्टी यानी विभाग में पैनलबद्ध विशेषज्ञों के माध्यम से कराई जाएगी।
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