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हाजीपुर में औद्योगिक क्षेत्र के लिए 485 एकड़ जमीन BIADA को सौंपी, 3800 रैयतों को मिला 316 करोड़ मुआवजा

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:14 PM (IST)

हाजीपुर में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण तेजी से जारी है, जिसमें अब तक 8 मौजों की 485 एकड़ से अधिक जमीन बियाडा को सौंपी गई है।

हाजीपुर औद्योग‍िक क्षेत्र में बियाडा को सौंपा गया जमीन का दखल-कब्‍जा। सांकेत‍िक तस्‍वीर

हाजीपुर औद्योग‍िक क्षेत्र में बियाडा को सौंपा गया जमीन का दखल-कब्‍जा। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. हाजीपुर में औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण जारी।

  2. बियाडा को 485 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित।

  3. 3800 किसानों को 316 करोड़ रुपये मुआवजा मिला।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए अर्जित की जा रही भूमि के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया कैंप के माध्यम से तेजी से जारी है।

अब तक 8 मौजों की कुल 485.50817 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा अधियाची विभाग बियाडा, पटना को सौंप दिया गया है।

यह जानकारी डीएम वर्षा सिंह ने दी। डीएम ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए कुल 11 मौजों में 1,234.42497 एकड़ भूमि के अर्जन की कार्रवाई की जा रही है।

पांच मौजे की जमीन का दखल-कब्‍जा 3 अक्‍टूबर को

इनमें से पांच मौजों की 159.46515 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा बीते 3 अक्टूबर को सौंप दिया गया था। इनमें चकहुदहुदपुर की 34.66460 एकड़, मोहिउद्दीनपुर गराही की 23.1714 एकड़, विलंदपुर धंधुआ की 21.47520 एकड़, ताजपुर राजे उर्फ भोरहां की 24.47395 एकड़ और रामपुर की 55.68000 एकड़ भूमि शामिल है।

डीएम ने बताया कि शेष छह मौजों में से तीन मौजों की 326.04302 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा 21 अक्टूबर को सौंप दिया गया।

इनमें ताल सलहा की 197.35327 एकड़, मोहनपुर बखरी की 79.25000 एकड़ और भदवास की 49.43975 एकड़ भूमि शामिल है।

31 अक्‍टूबर तक तीन मौजे की जमीन सौंपी जाएगी 

इस तरह अब तक कुल आठ मौजों की 485.50817 एकड़ भूमि बियाडा को सौंपी जा चुकी है। शेष तीन मौजों बहसी दामोदर, बहसी सैदपुर और जाफरपट्टी की कुल 748.9167 एकड़ भूमि का दखल-कब्जा 31 अक्टूबर तक सौंपने की संभावित तिथि निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि अब तक मुआवजा भुगतान के लिए लगभग 4,900 रैयतों से 600 एकड़ भूमि के संबंध में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 3,800 रैयतों को 316 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जा चुके हैं।

भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित तरीके से पूरी की जा रही है। सभी संबंधित रैयतों से अपील की गई है कि वे निर्धारित भुगतान कैंप में स्वयं उपस्थित होकर अपनी भूमि के मुआवजे की राशि प्राप्त करें।