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बिहार में सस्ता होगा घर बनाना! 4 महीने बाद 212 घाटों पर फिर शुरू हुआ बालू खनन

Published: Fri, 16 Oct 2026 07:07 PM (IST)

बिहार में चार महीने के विराम के बाद 212 बालू घाटों पर खनन कार्य फिर से शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

बिहार में 212 बालू घाटों पर खनन बहाल, निर्माण कार्यों को मिलेगी गति, बालू की कीमतें घटेंगी (AI Generated Image)

बिहार में 212 बालू घाटों पर खनन बहाल, निर्माण कार्यों को मिलेगी गति, बालू की कीमतें घटेंगी (AI Generated Image)

HighLights

  1. बिहार में 212 बालू घाटों पर खनन फिर शुरू।

  2. चार महीने के मानसून विराम के बाद बहाली।

  3. बालू की उपलब्धता बढ़ेगी, कीमतों में कमी की उम्मीद।

राज्य ब्यूरो, पटना। चार महीने के विराम के बाद शुक्रवार से प्रदेश के 212 बालू घाटों से खनन और बालू का उठाव शुरू हो गया है। राज्य सरकार की घोषणा के अनुरूप खनन कार्य बहाल किया गया है।

सरकार का मानना है कि इससे निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी और आपूर्ति में कमी नहीं होगी। वहीं, बालू की उपलब्धता बढ़ने से इसकी कीमतों में भी गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जिन 212 बालू घाटों से खनन शुरू हुआ है, उनमें पीले बालू के 181 और उजले बालू के 31 घाट शामिल हैं। मानसून के दौरान पर्यावरणीय कारणों से बालू खनन पर रोक रहती है।

इस अवधि में खनन और उठाव बंद रहने से निर्माण कार्यों के लिए बालू की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। अब खनन शुरू होने से बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है।

बालू की नियमित उपलब्धता से सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। मकान बनाने वाले लोगों के साथ निर्माण क्षेत्र से जुड़े ठेकेदारों को भी राहत मिल सकती है।

हालांकि, बालू की कीमतों में वास्तविक कमी कितनी होगी, यह बाजार में आपूर्ति, मांग और परिवहन लागत पर निर्भर करेगा। सरकार को उम्मीद है कि खनन बहाल होने से बालू की किल्लत दूर होगी और आम लोगों को निर्माण कार्यों में राहत मिलेगी।

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