बिहार में पंचायत स्तर पर पीएम फसल बीमा योजना लागू करने की तैयारी, फसलों के नुकसान पर तुरंत मिलेगा मुआवजा
राज्य में पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी चल रही है।

पीएम फसल बीमा योजना। (जागरण)
HighLights
पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने की तैयारी।
रबी 2026-27 से योजना प्रभावी, किसानों को मिलेगा लाभ।
आधुनिक तकनीक से फसल क्षति का सटीक आकलन, त्वरित निपटान।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने और किसानों को जागरूक करने की तैयारी हो रही है।
इसके लिए सहकारिता विभाग ने तेजी से आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। योजना के सफल व प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम को पैक्स स्तर पर जागरूकता अभियान में भाग लेने का निर्देश दिया है।
सहकारिता सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने बीते सप्ताह प्रशिक्षण के दौरान योजना के प्रविधानों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के साथ-साथ योजना के सफल कार्यान्वयन में विभिन्न हितधारकों की भूमिका एवं उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी थी।
इसके आलोक में रबी 2026-27 के मौसम के संदर्भ में प्रत्येक हितधारक से अपेक्षित कार्यों, उनके दायित्वों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य निष्पादन करने का निर्देश सभी जिलों को दिया गया है।
रबी 2026-27 के लिए निर्धारित एसओपी के प्रविधानों को समयबद्ध रूप से लागू करने तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर भी विस्तार से जानकारी किसानों को देने को कहा गया है।
सहकारिता सचिव के मुताबिक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य फसल की क्षति होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना, किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना, खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस योजना में किसानों द्वारा खरीफ फसल के लिए बीमित राशि का दो प्रतिशत, रबी फसल के लिए बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक/बागवानी फसल के लिए बीमित राशि का पांच प्रतिशत प्रीमियम देय है। शेष प्रीमियम की राशि आधी-आधी केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से राज्य में लागू करने की स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत किसानों को कृषि लागत के समतुल्य क्षतिपूर्ति राशि का प्रविधान है।
किसानों को कम प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष प्रीमियम केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करेंगी। आधुनिक तकनीक, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी से फसल क्षति का सटीक आकलन और तेज, पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित होगा।
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