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बिहार में नौकरी के लिए डिग्री और डिप्लोमाधारी आमने-सामने, गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन अनशन जारी

Published: Wed, 07 Oct 2026 09:44 AM (IST)

बिहार में फार्मासिस्ट की नौकरी को लेकर बी-फार्मा डिग्री और डिप्लोमा फार्मासिस्ट एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं।

फार्मासिस्ट संगठनों का विरोध प्रदर्शन। फोटो जागरण

फार्मासिस्ट संगठनों का विरोध प्रदर्शन। फोटो जागरण

HighLights

  1. बी-फार्मा डिग्रीधारी केंद्रीय भर्ती नियम लागू करने की मांग पर अनशन पर।

  2. डिप्लोमा फार्मासिस्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर विरोध कर रहे।

  3. पटना के गर्दनीबाग में फार्मासिस्ट बहाली को लेकर प्रदर्शन जारी।

जागरण संवाददाता, पटना। बिहार के अस्पतालों में फार्मासिस्ट की नौकरी पर बीफार्म डिग्री व डिप्लोमा फार्मासिस्ट धारक एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं।

बी-फार्मा डिग्रीधारियों ने मंगलवार को प्रदेश में फार्मासिस्ट बहाली में केंद्रीय भर्ती-पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025 लागू कराने के लिए गर्दनीबाग धरनास्थल पर प्रदर्शन करते हुए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए।

वहीं, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन छात्र शाखा ने आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के आदेशों की अवमानना बताते हुए मुख्यमंत्री व सरकार से आंदोलनकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती तो वे भी सड़क पर उतरेंगे। इससे फार्मासिस्ट पद पर नियुक्ति की शैक्षणिक योग्यता का पुराना विवाद फिर गरम हो गया है।

हम भी निबंधित फार्मासिस्ट, फिर क्यों बाहर 

अनशन व धरने का नेतृत्व कर रहे अर्जेश राज ने कहा कि 1999 व 2006 की नियमित और 2013 व 2016 की संविदा बहाली में बीफार्म डिग्रीधारियों को मौका दिया गया था।

स्वास्थ्य विभाग ने 2024 में नियमावली में संशोधित कर अस्पतालों में फार्मासिस्ट नियुक्ति से बीफार्म को बाहर किया, इससे प्रदेश के लगभग 25 हजार बीफार्म फार्मासिस्ट 2473 पदों की बहाली से वंचित हो गए थे।

इस कारण 1600 पद भी खाली रह गए। दिव्यांशु राज, विमल कुमार, रवि रंजन कुमार, जयकरण कुमार और अभिमन्यु कश्यप ने भी प्रदेश में केंद्र की फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा विनियम-2025 लागू करने की मांग की।

उनका कहना था कि देश में डी-फार्म कोर्स 2000 में बंद हो चुका है। कुछ राज्यों व रेलवे ने डीफार्म को हटा दिया है लेकिन प्रदेश में बीफार्म को ही बाहर कर दिया गया है।

बी-फार्म के लिए आरक्षित पदों पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट को भी मिले मौका

डिप्लोमा फार्मासिस्ट आर्गेनाइजेशन छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बी फार्मा डिग्रीधारियों के आंदोलन का विरोध किया है।

उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट पद की शैक्षणिक योग्यता पर पटना हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार की नियमावली में डिप्लोमा इन फार्मेसी को निर्धारित योग्यता बनाए रखने को सही ठहराया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीजीपी, डीएम व एसएसपी को पत्र देकर आंदोलनकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में अपील और पुनर्विचार याचिका खारिज हो चुकी है, यदि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर आंदोलन जारी रहा तो डिप्लोमा फार्मासिस्ट सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।

यदि वे अस्पतालों में फार्मासिस्ट बनना चाहते हैं तो बी फार्मा डिग्रीधारियों के लिए आरक्षित औषधि निरीक्षक, गवर्नमेंट एनालिस्ट व फार्मेसी शिक्षण जैसे रोजगार में उन्हें भी मौका दिया जाए।

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