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किसानों को खेती के अलावा भी होगी कमाई, बिहार में सहकारिता विभाग का नया प्लान

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:00 AM (GMT+05:30)

बिहार सहकारिता विभाग ने पैक्सों को स्वरोजगार और गैर-कृषि उद्यमों के रूप में विकसित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है।

एआई से बनाई गई तस्वीर

एआई से बनाई गई तस्वीर

HighLights

  1. पैक्सों को स्वरोजगार और गैर-कृषि उद्यमों में बदला जाएगा।

  2. पत्तल-प्लेट, सिलाई, सोलर बल्ब जैसे व्यवसायों का प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. सरकारी योजनाओं से वित्तीय सहायता और अवसर प्रदान होंगे।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पैक्सों को स्वरोजगार और गैरकृषि उद्यमों के रूप में तैयार करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।

इसके तहत पैक्सों को पत्तल-प्लेट, स्लीपर निर्माण, सिलाई इकाई, सोलर एलईडी बल्ब की असेंबली एवं बिक्री, जन औषधि केंद्र तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अन्य सेवा आधारित व्यवसाय को शुरू करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके मद्देनजर सहकारिता विभाग द्वारा उत्कृष्ट पैक्स अध्यक्षों एवं प्रबंधकों के लिए उन्मुखीकरण एवं अनुभव कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

इसके तहत 24 अक्टूबर को सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र, पूसा, समस्तीपुर और 26 अक्टूबर को दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारिता प्रबंधन संस्थान, पटना में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

सरकारी योजनाओं के तहत मिलेगी सहायता

सहकारिता सचिव धर्मेन्द्र सिंह के मुताबिक कार्यशाला का उद्देश्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पैक्सों की सफल कार्यप्रणालियों, नवाचारों और अनुभवों को अन्य समितियों तक पहुंचाना है।

इसके माध्यम से पैक्सों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, समितियों को कृषि गतिविधियों के अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए विभिन्न गैर-कृषि उद्यमों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में विभिन्न सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता का लाभ उठाने की प्रक्रिया भी समझाई जाएगी। इनमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन की योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान तथा जीविका के माध्यम से उपलब्ध अवसर शामिल हैं।

इन योजनाओं से भंडारण, कृषि अवसंरचना, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि सेवाओं, सौर ऊर्जा और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर जानकारी दी जाएगी। योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया प्रचलित दिशा-निर्देशों के अनुसार बताई जाएगी।

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