बिहार MLC चुनाव में 164 दावेदार, महागठबंधन में दोस्ताना संघर्ष तो NDA में भी खींचतान; 8 सीटों पर रोचक मुकाबला
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 164 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है, जिसमें महागठबंधन और एनडीए दोनों में ...और पढ़ें

विधान परिषद की आठ सीटों का मुकाबला हुआ रोचक।
HighLights
विधान परिषद की 8 सीटों के लिए कुल 164 नामांकन।
महागठबंधन में 5 सीटों पर राजद-कांग्रेस का दोस्ताना संघर्ष।
एनडीए में सारण सीट पर रालोमो की निर्दलीय दावेदारी।
राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद की आठ सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ यह स्पष्ट हो गया कि महागठबंधन अगर कागजी है, तो एनडीए मेंं भी एकजुटता नहीं।
ये सीटेंं शिक्षक और स्नातक कोटे की हैं, जिनके लिए कुल 164 अभ्यर्थियों ने अपना पर्चा भरा है। सर्वाधिक 40 नामांकन स्नातक कोटे की दरभंगा सीट के लिए हुआ है।
आखिरी दिन हुए 71 नामांकन, आज होगी नामांकन-पत्रों की जांच
उसके बाद पटना पर अधिक दावा है, जहां जदयू घर भीतर के संग्राम को थामने का जतन कर रहा। उल्लेखनीय है कि सोमवार तक कुल 93 नामांकन हुए थे।
यानी आखिरी दिन 71 नामांकन हुए। इसे लेकर स्नातक और शिक्षक कोटे की सीटों के लिए क्रमश: 98 और 66 अभ्यर्थियों ने पर्चा भरा है।
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार को नामांकन-पत्रों की जांच होनी है। शुक्रवार यानी नौ अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।
सीटवार नामांकन
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
- दरभंगा : 40
- पटना : 22
- तिरहुत : 20
- कोसी : 16
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
- पटना : 22
- सारण : 19
- दरभंगा : 14
- तिरहुत 11
98 अभ्यर्थी स्नातक सीटों पर व 66 अभ्यर्थी शिक्षक सीटों के लिए
उसके बाद प्रत्याशियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी। संभव है कि इस दौरान कुछ नाम वापस हों और कुछ नामांकन रद। 23 अक्टूबर को इन सीटों के लिए मतदान होना है और 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ परिणाम की घोषणा।
उत्सुकता चरम पर है। इस चुनाव से परिषद में कांग्रेस और भाकपा की उपस्थिति का निर्णय होगा, जिसके अभी मात्र एक-एक सदस्य हैं और वे दोनों अगली पारी के लिए मैदान में आ डटे हैं।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जसुपा) भी खाता खोलने की मंशा से आठों सीटों पर चुनाव लड़ रही। इसके अलावा यह चुनाव कुछ सीटों पर जदयू और भाजपा की निर्बाध जीत का निर्धारण भी करेगा। राजद के पास गंवाने के लिए कुछ नहीं, क्योंकि इनमें से एक भी सीट उसके खाते की नहीं है।
महागठबंधन के 14 प्रत्याशी
आठ सीटों के लिए 14 प्रत्याशी। महागठबंधन का यही गणित है। इस गणित ने विधानसभा चुनाव में भी उसका बेड़ा गर्क किया था। इस बार पांच सीटों पर राजद और कांग्रेस के बीच दोस्ताना संघर्ष है।
इन पांच में दरभंगा (स्नातक) सीट भी है, जहां भाकपा (माले) ने भी अपना प्रत्याशी उतारकर टांग अड़ा दिया है। इस तरह राजद के सात, कांग्रेस के पांच, भाकपा और भाकपा (माले) के एक-एक प्रत्याशी मैदान में हैं।
एनडीए मेंं भी उठापटक
सारण (शिक्षक) सीट पर रालोमो के रामपुकार सिन्हा की निर्दलीय दावेदारी से एनडीए की एकजुटता पर प्रश्न खड़ा हुआ है। वह भी तब जबकि पटना (स्नातक) सीट पर जदयू के भीतर का संग्राम पूर्णतया थमा नहीं है।
रालोमो के चार में तीन विधायक रामपुकार का समर्थन कर रहे। चौथी विधायक पार्टी के सर्वेसर्वा उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता हैं। उनके पुत्र दीपक प्रकाश विधान परिषद में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एकमात्र सदस्य हैं।
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