Bihar MLC Election 2026: RJD प्रदेश अध्यक्ष ने बैलेट पेपर का किया विरोध, कहा- खुलकर वोट नहीं डाल पाते
Bihar MLC Election Result 2026 में राजद को करारी हार मिली, जहां एनडीए ने 4 सीटें जीतीं और राजद को ...और पढ़ें
HighLights
बिहार एमएलसी चुनाव में राजद को मिली करारी हार।
राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बैलेट पेपर का विरोध किया।
कमजोर वर्गों के वोट हड़पने की आशंका जताई।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार MLC चुनाव की 8 सीटों में से रिजल्ट और रुझान आ चुके हैं। इसमें राजद की करारी हार हुई है। NDA ने 4 सीट (बीजेपी ने 3 और JDU ने 1) जीती है।
वहीं, INDIA गठबंधन को 1 सीट पर संतोष करना पड़ा है। बाकी की तीन सीटों में से 2 पर निर्दलीय और 1 पर जन सुराज प्रत्याशी की जीत हुई है।
राजद हमेशा हार का ठीकरा EVM पर फोड़ती थी, लेकिन इस बार बैलेट पेपर का विरोध करती दिखाई दे रही है। राजद की करारी हार के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि जब पेपर बैलेट की बात आती है, तो दो अलग-अलग पहलू होते हैं। मेरी व्यक्तिगत राय में, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव वास्तव में पेपर बैलेट प्रणाली के तहत नहीं होते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी ईवीएम का दृढ़ता से विरोध करती है और मैं मानता हूं कि ईवीएम में तकनीकी रूप से हेरफेर किया जा सकता है और किया गया है।
तकनीकी गड़बड़ियां और बेईमानी होती है। हालांकि, व्यक्तिगत रूप से, मैं मतपत्रों पर लौटने के पक्ष में नहीं हूं क्योंकि हाशिए पर रहने वाले और कमजोर वर्ग उस प्रणाली के तहत स्वतंत्र रूप से अपना वोट डालने में असमर्थ हैं।
मंगनीलाल ने कहा कि प्रमुख और प्रभावशाली लोग जातियां कमजोर वर्गों के के वोट हड़प लेती हैं और पिछड़े वर्गों, ईबीसी और दलितों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर थोक में कब्जा कर लिया जाता है। ईवीएम को मूल रूप से बूथ कैप्चरिंग के विकल्प के रूप में पेश किया गया था।
कांग्रेस का रवैया ठीक नहीं था, ‘फ्रेंडली मुकाबला’ उल्टा पड़ गया
MLC चुनाव के नतीजों पर RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि पहली बात, महागठबंधन में शामिल दलों ने कभी एक साथ बैठकर किसी सर्वसम्मत उम्मीदवार को तय नहीं किया। दूसरी बात, ऐसा कोई समझौता या घोषणा कभी नहीं हुई कि कोई एक साझा उम्मीदवार उतारा जाएगा।
तीसरी बात बताते हुए उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि कांग्रेस के मदन मोहन झा एक मजबूत उम्मीदवार थे, जबकि हमारे उम्मीदवार को कम वोट मिले क्योंकि उनके नाम की घोषणा बिल्कुल आखिरी समय पर की गई थी।"
राजद नेता ने कहा कि यह ‘फ्रेंडली मुकाबला’ उल्टा पड़ गया। मदन मोहन झा जी की हार से हमें भी दुख है। हालांकि, इस मुद्दे को पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। कांग्रेस पार्टी का रवैया ठीक नहीं था, और इसी अड़ियल रुख की वजह से यह हार झेलनी पड़ी।
