JDU नेता नीरज कुमार ICU में भर्ती, पटना में अनंत सिंह से सियासी टकराव के बीच बिगड़ी तबीयत
जदयू के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी नीरज कुमार को तबीयत बिगड़ने के बाद पटना के ...और पढ़ें

नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ी
HighLights
नीरज कुमार को पटना के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती।
हृदय संबंधी परेशानी और फास्टिंग के कारण तबीयत बिगड़ी।
अनंत सिंह से सियासी टकराव के बीच घटनाक्रम चर्चा में।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात उन्हें अस्पताल ले जाया गया था।
नीरज कुमार पहले से हृदय संबंधी परेशानी से जूझ रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि उनके परिजनों के मुताबिक उनकी हालत अब खतरे से बाहर है।
उनकी तबीयत ऐसे समय बिगड़ी है, जब पटना स्नातक चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर राजनीतिक खींचतान चर्चा में है।
फास्टिंग के कारण समय पर दवा नहीं ले सके नीरज कुमार
नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के पीछे दवा समय पर नहीं ले पाने की बात सामने आई है। परिजनों के मुताबिक, फास्टिंग के कारण वह निर्धारित समय पर अपनी दवा नहीं ले सके थे।
इसके बाद उन्हें असहज महसूस हुआ और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। नीरज कुमार को पहले से हृदय संबंधी समस्या रही है, इसलिए उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
फिलहाल, परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। उनकी सेहत को लेकर आगे की जानकारी अस्पताल की ओर से जारी होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
स्नातक चुनाव के बीच जेडीयू में बढ़ी सियासी हलचल
नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने की खबर ऐसे वक्त आई है, जब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी माहौल गर्म है। इस चुनाव में नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
अनंत सिंह खुले तौर पर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह कई बार नीरज कुमार को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
दूसरी ओर, नीरज कुमार भी चुनावी सभाओं में बिना नाम लिए अपने विरोधियों पर निशाना साध चुके हैं। इस घटनाक्रम ने जेडीयू के अंदरूनी मतभेदों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
‘मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं’, नीरज कुमार का बयान चर्चा में
चुनावी सभा के दौरान नीरज कुमार ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह जनता के बीच न्याय मांगने आए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या वह अपराधी या गुंडे हैं, जो बार-बार उनके चरित्र पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने कहा था कि वह डरने वाले नहीं, बल्कि अड़ने वाले हैं।
उन्होंने जनता से अपील की थी कि लोग उन्हें दशकों से जानते हैं और उनके आचरण के बारे में खुद फैसला करें। नीरज कुमार ने यह भी कहा था कि उन्हें गालियों से फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला उन्हें बर्दाश्त नहीं है।
अनंत सिंह ने क्यों खोला नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा?
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद की जड़ पुराने राजनीतिक मतभेदों से जुड़ी बताई जाती है। अनंत सिंह का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनके खिलाफ प्रचार किया था।
उन्होंने दावा किया था कि चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया गया, लेकिन उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अनंत सिंह ने सवाल उठाया कि यदि पार्टी में अनुशासन के नियम हैं, तो उन्हें सभी नेताओं पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा था कि वह उनका सम्मान करते हैं। इसके बावजूद नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने के बजाय उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का साथ देने का फैसला किया।
ललन सिंह की पहल भी नहीं सुलझा सकी विवाद
जेडीयू के दोनों नेताओं के बीच विवाद को शांत कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने हस्तक्षेप किया था।
5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने उनकी शिकायतों का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि अनंत सिंह को पुराने चुनाव के दौरान अपने खिलाफ प्रचार किए जाने पर आपत्ति थी।
ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने अनंत सिंह से सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की अपील भी की थी। हालांकि, इसके बाद भी अनंत सिंह का रुख नहीं बदला और वह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे।
‘मेरे पास धनबल-बाहुबल नहीं, कार्यकर्ताओं का साथ है’
नीरज कुमार ने जेडीयू कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान भी अपने विरोधियों को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके पास धनबल या बाहुबल नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन है।
उन्होंने दावा किया था कि कार्यकर्ताओं को जुटाने के लिए उन्होंने कोई पैसा खर्च नहीं किया। अपने संबोधन में उन्होंने निशांत कुमार का भी जिक्र किया और उनके राजनीतिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
नीरज कुमार ने कहा था कि निशांत कुमार ने सबसे पहले उनकी चुनावी सभा को संबोधित किया, यह उनके लिए सौभाग्य की बात है।
अब उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर के बीच पटना स्नातक चुनाव और जेडीयू के अंदर जारी राजनीतिक विवाद पर सबकी नजर बनी हुई है।
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