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बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले NDA में हलचल, अनंत सिंह सहित चार विधायकों पर टिकी नजर; आज की बैठक में होगा फैसला

Published: Fri, 09 Oct 2026 04:07 PM (IST)

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव से पहले NDA में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट ...और पढ़ें

NDA की बैठक पर सबकी नजर

NDA की बैठक पर सबकी नजर

HighLights

  1. NDA विधानमंडल दल की बैठक आज दोपहर 3:30 बजे।

  2. अनंत सिंह सहित चार विधायकों की भूमिका पर सबकी नजर।

  3. चुनावी समन्वय और आगे की रणनीति पर होगी चर्चा।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। नामांकन वापसी के बाद अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की रणनीति पर सबकी नजर है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर आज दोपहर 3:30 बजे NDA विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में चुनावी समन्वय और आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

हालांकि, इस बैठक को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा NDA के चार विधायकों की भूमिका को लेकर है। जदयू विधायक अनंत सिंह और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के तीन विधायकों आलोक सिंह, रामेश्वर महतो तथा माधव आनंद पर सबकी नजर टिकी हुई है।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि परिषद चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर चल रही सियासी हलचल का बैठक में क्या असर दिखेगा?

चार विधायक, कई सियासी सवाल; NDA की बैठक पर सबकी नजर

NDA की बैठक ऐसे समय हो रही है, जब विधान परिषद चुनाव को लेकर गठबंधन के सामने चुनावी तालमेल बनाए रखने की चुनौती है।

चार विधायकों की भूमिका इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि हाल के घटनाक्रमों ने गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

बैठक में इन विधायकों से जुड़े मुद्दों पर क्या चर्चा होगी और चुनाव प्रचार को लेकर गठबंधन किस तरह आगे बढ़ेगा, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। हालांकि, बैठक के एजेंडे और किसी संभावित फैसले को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

रालोमो के तीन विधायकों की मौजूदगी से क्यों मची थी हलचल?

सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रालोमो के राम पुकार सिन्हा ने पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए नामांकन किया है। वहीं, दरभंगा स्नातक सीट से भाजपा के आदित्य कुमार झा ने भी पार्टी से बगावत कर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

राम पुकार सिन्हा के नामांकन के दौरान रालोमो के तीन विधायकों की मौजूदगी ने NDA के भीतर हलचल बढ़ा दी थी। इस घटनाक्रम के बाद गठबंधन के चुनावी समन्वय और नेताओं के बीच तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई। अब विधानमंडल दल की बैठक में इस पूरे घटनाक्रम को किस नजरिए से देखा जाता है, यह अहम होगा।

अनंत सिंह के बयानों ने भी बढ़ाई राजनीतिक दिलचस्पी

जदयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह भी विधान परिषद चुनाव के सियासी घटनाक्रम में चर्चा के केंद्र में हैं। वह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में लगातार बयान देते रहे हैं। उनके इस रुख के कारण भी चुनाव से पहले गठबंधन की राजनीतिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ऐसे में मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक को केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा। चारों विधायकों की भूमिका, बागी उम्मीदवारों का प्रभाव और गठबंधन के भीतर तालमेल जैसे सवालों पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

आज की बैठक से क्या निकलेगा संकेत?

विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में NDA की रणनीति और घटक दलों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली बैठक में चुनाव प्रचार, आपसी तालमेल और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होने की संभावना है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बैठक के बाद गठबंधन की ओर से क्या संदेश सामने आता है और चार विधायकों को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर कोई स्पष्टता मिलती है या नहीं। फिलहाल, बैठक से पहले बने सियासी माहौल ने विधान परिषद चुनाव की हलचल को और दिलचस्प बना दिया है।

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