बिहार विधान परिषद में भर्ती पर उठे सवाल: दोबारा टेस्ट में नहीं पहुंचे 7 निजी सहायक, 18 नवंबर को आखिरी मौका
बिहार विधान परिषद में निजी सहायक के सात पदों पर नियुक्त कर्मी शॉर्ट हैंड जांच के लिए नहीं आए, जिसके बाद उन्हें 18 नवंबर को दूसरा मौका दिया गया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
नव नियुक्त निजी सहायक शॉर्ट हैंड जांच में अनुपस्थित रहे।
अनुपस्थित कर्मियों को 18 नवंबर को दूसरा मौका मिला।
दोबारा अनुपस्थित रहने पर नौकरी समाप्त कर दी जाएगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा परिषद में निजी सहायक के सात पदों पर नियुक्त हुए कर्मियों की कठिनाईयां बढ़ती दिख रही है।
परिषद सचिवालय के आदेश पर शॉर्ट हैंड जांच के लिए पहली तिथि पर बुलाए जाने पर नव नियुक्त एक भी कर्मी नहीं आए। अब जांच के लिए दूसरी तिथि 18 नवंबर की दी गई है।
सात अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। दूसरी तिथि पर परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने पर नौकरी समाप्त कर दी जाएगी।
दरअसल, बिहार विधान परिषद में निजी सहायक के सात पदों पर नियुक्ति को लेकर गड़बड़ी आशंका जताई गई थी। इसके बाद चार नवंबर को दोबारा शॉर्ट हैंड परीक्षा का आयोजन किया गया।
चयनित सात निजी सहायकों में से कोई भी परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए नहीं पहुंचा। अब इनकी उम्मीदवारी रद करने की तैयारी थी, लेकिन अभ्यर्थियों को एक और अवसर देने का निर्णय लिया गया है।
सभी को बुलाया गया
अनिवार्य जांच परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों की गैरमौजूदगी ने भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सभी सात अभ्यर्थियों को सीसीटीवी की निगरानी में परिषद स्थित परीक्षा केंद्र में सम्मिलित होने के लिए सुबह 11:30 बजे बुलाया गया था। शॉर्ट हैंड की दक्षता की भी जांच होनी थी।
परिषद सचिवालय ने स्पष्ट किया था कि जो अभ्यर्थी इसमें शामिल नहीं होंगे, उनकी उम्मीदवारी समाप्त कर दी जाएगी। इनमें सुप्रभा सिंह, अमन, नमन राज, अंजलि आनंद, सुमित राज, गुड़िया कुमारी व विमल भारती सफल हुए थे। अब इन्हें एक और मौका देने का निर्णय लिया गया है।
विदित हो कि पूर्व विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में सातों कर्मियों की नियुक्ति की गई थी।
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