बिहार में जमीन खरीदने से पहले अब नहीं होगा धोखा! 'CO वेरिफिकेशन' से 10 दिन में निकल आएगी प्लॉट की कुंडली
बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री से पहले अंचल अधिकारी (सीओ) द्वारा सत्यापन की नई सुविधा लोगों को पसंद आ रही है।

बिहार में जमीन खरीद से पहले सीओ सत्यापन: 676 मामलों की जांच, धोखाधड़ी पर लगाम (AI Generated Image)
HighLights
सीओ द्वारा जमीन सत्यापन की नई सुविधा लोकप्रिय।
साढ़े तीन माह में 676 मामलों का भौतिक सत्यापन।
विवादित या सरकारी जमीन की पहचान में सहायक।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री से पहले अंचल अधिकारी (सीओ) से सत्यापन कराने की नई सुविधा लोगों को रास आ रही है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, पिछले साढ़े तीन माह में पूरे प्रदेश में 676 मामलों में सीओ ने जमीन की खरीद से पहले भौतिक सत्यापन किया है।
सबसे अधिक सत्यापन मुजफ्फरपुर जिले में दर्ज किया गया है। यहां कुल 47 मामलों में सीओ ने भूमि का सत्यापन किया है। इसमें मुजफ्फरपुर कार्यालय के 29, पारू के 11, मोतीपुर के चार और कटरा के तीन मामले शामिल हैं।
औरंगाबाद जिले में कुल 42 मामलों में सीओ ने जांच की है, जिसमें औरंगाबाद के 35 और दाउदनगर के सात मामले शामिल हैं। इसी तरह दरभंगा जिले में 40 मामलों में जांच हुई है, जिसमें बिरौल के 34 और कमतौल के छह मामले शामिल हैं।
कटिहार जिले में 26, नालंदा जिले में 24, गया जिले में 22 और पूर्णिया जिले में 19 मामलों में सीओ ने स्थल निरीक्षण किया है।
इसी वर्ष 11 जुलाई को हाजीपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निबंधन विभाग की इस सुविधा का शुभारंभ किया था। इसके तहत जमीन खरीदने वाला व्यक्ति ई-निबंधन पोर्टल पर रजिस्ट्री से पहले ही सीओ वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकता है।
इसका उद्देश्य बिना जांच के जमीन खरीदने से होने वाली समस्याओं का सही समय पर निराकरण करना है। कई बार जमीन सरकारी या विवादित होती है या उसपर ऋण लिया होता है। जमीन के भौतिक सत्यापन एवं जांच में इन सबका पता आसानी से लग जाता है।
विभाग ने बताया कि खरीदार की ओर से ई-निबंधन पोर्टल पर आवेदन प्राप्त होने के बाद सीओ 10 दिनों के भीतर जमीन के वास्तविक स्वामित्व, उसके सरकारी या निजी होने की स्थिति, पुरानी बिक्री और लोन से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड करते हैं। इससे खरीदार को पहले ही जमीन की सही स्थिति का पता लग रहा है।
