बेतिया राज की जमीन पर कैसे कायम हुई फर्जी जमाबंदी, अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
बेतिया में बंदोबस्ती अभिलेखों में छेड़छाड़ के आरोप में वर्तमान व पूर्व अंचल नाजिर सहित आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
HighLights
बंदोबस्ती अभिलेखों में छेड़छाड़ पर FIR दर्ज।
वर्तमान-पूर्व अंचल नाजिर समेत आठ नामजद।
फर्जी जमाबंदी पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
जागरण संवाददाता, बेतिया/बैरिया (पश्चिम चंपारण)। बैरिया अंचल कार्यालय के अभिलेखागार में सुरक्षित बंदोबस्ती अभिलेखों में छेड़छाड़ करने के आरोप में वर्तमान एवं पूर्व अंचल नाजिर सहित आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के आदेश तथा जांच दल की ओर से समर्पित रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। मामले में बैरिया सीओ अजय कुमार के आवेदन पर बैरिया थाना कांड संख्या 503/2026 दर्ज किया गया है।
अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि बंदोबस्ती अभिलेखों में छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई थी।
जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।
प्राथमिकी में पूर्व अंचल नाजिर अमित कुमार, वर्तमान अंचल नाजिर अरमेश्वर प्रसाद, स्कैनिंग आपरेटर बिट्टू कुमार समेत बौरिया गांव के रैयत मोतीलाल मुखिया, कपिलदेव बिन, राम उगरे बिन, उग्रीम बिन एवं मलख मुखिया नामजद हैं। मामले में अभी कई अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना है।
दो सदस्यीय जांच दल ने की थी गहन जांच
अंचल बंदोबस्ती अभिलेख में छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई थी।
टीम में अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा एवं बेतिया के भूमि सुधार उप समाहर्ता को शामिल किया गया था। इसमें जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी गई थी। डीएम ने जांच रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में अपर समाहर्ता को अपने स्तर से प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
बेतिया राज की छह एकड़ जमीन की फर्जी जमाबंदी मामले में स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बेतिया सदर अंचल के पूर्वी करगहिया में बेतिया राज की करीब 6 एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से जमाबंदी कायम करने के मामले में स्पष्टीकरण की मांग करने का निर्देश दिया है।
इसके आलोक में अपर समाहर्ता ने सीओ पल्लवी कुमारी, संबंधित राजस्व कर्मचारी, तत्कालीन प्रधान लिपिक से स्पष्टीकरण की मांग की है। उक्त जमीन का परिमार्जन करते हुए जमाबंदी संख्या 105 सृजित कर दी गई थी।
मामला प्रकाश में आने के बाद पुन: इसे शून्य दिखा दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक नहीं आने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध् अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
