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भोजपुर में दाखिल-खारिज कराना बना सिरदर्द: हर तीसरा आवेदन हो रहा रिजेक्ट, आरा का हाल सबसे खराब

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:38 PM (IST)

भोजपुर जिले में दाखिल-खारिज के 4 लाख से अधिक आवेदनों में से 1.36 लाख से ज्यादा रिजेक्ट या लंबित हैं। ...और पढ़ें

भोजपुर में दाखिल-खारिज कराना बना सिरदर्द (AI Generated Image)

भोजपुर में दाखिल-खारिज कराना बना सिरदर्द (AI Generated Image)

HighLights

  1. भोजपुर में 1.36 लाख दाखिल-खारिज आवेदन रिजेक्ट या लंबित।

  2. कुल आवेदनों का लगभग 34 प्रतिशत निष्पादन नहीं हुआ।

  3. आरा अंचल में सर्वाधिक मामले अस्वीकृत और लंबित हैं।

जागरण संवाददाता, आरा। जमीन के दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले लोगों को बड़ी संख्या में निराशा हाथ लग रही है। भोजपुर जिले में अब तक प्राप्त चार लाख से अधिक आवेदनों में से 1.30 लाख से ज्यादा आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए हैं, जबकि छह हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं।

इस तरह कुल 1.36 लाख से अधिक आवेदन रिजेक्ट और पेंडिंग की श्रेणी में हैं। जिले के 14 अंचलों में दाखिल-खारिज के 4,00,187 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,63,883 आवेदनों का ही निष्पादन हुआ है।

आंकड़ों में सबसे चिंताजनक स्थिति आरा अंचल की है, जहां सबसे अधिक आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं और सबसे ज्यादा मामले लंबित भी हैं। जिले में दाखिल-खारिज के लिए आए कुल आवेदनों में से 1,30,233 आवेदन अस्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 6,071 आवेदन अब भी लंबित हैं।

दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 1,36,304 आवेदन ऐसे हैं, जिनका सकारात्मक निष्पादन नहीं हुआ है। यह प्राप्त कुल आवेदनों का लगभग 34 प्रतिशत है। यानी दाखिल-खारिज के लिए आए हर तीन आवेदनों में से एक आवेदन अस्वीकृत या लंबित है।

हालांकि, अस्वीकृत आवेदनों में कुछ मामले दस्तावेजों की कमी, त्रुटिपूर्ण आवेदन अथवा अन्य नियमानुसार कारणों से भी संबंधित हो सकते हैं। ऐसे में अस्वीकृति के कारणों का अलग-अलग आकलन महत्वपूर्ण है।

दाखिल-खारिज जमीन की खरीद-बिक्री के बाद स्वामित्व संबंधी राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में बड़ी संख्या में आवेदनों का अस्वीकृत होना आवेदकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

वहीं, लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन के साथ अस्वीकृत आवेदनों के कारणों की स्पष्ट जानकारी देना भी जरूरी है, ताकि त्रुटियों को दूर कर पात्र आवेदक नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

इस संबंध में डीएम मनेश कुमार मीणा ने बताया कि विगत दिनों बैठक में सभी पेंडेंसी तेजी से खत्म करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

जमीन से जुड़े हर मामले में आरा अंचल जिले में बना टॉपर

अंचलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो आरा में सबसे अधिक 28,210 आवेदन अस्वीकृत किए गए हैं, जबकि 1,328 आवेदन लंबित हैं। दोनों को मिलाकर यहां 29,538 आवेदन रिजेक्ट-पेंडिंग की श्रेणी में हैं।

दूसरी तरफ यहां सबसे ज्यादा लगभग 80 हजार आवेदन जमा हुए हैं, जिसमें से लगभग 50 हजार का निपटारा भी हुआ है। इसके बाद जगदीशपुर में 12,478 आवेदन अस्वीकृत और 394 लंबित हैं। उदवंतनगर में 11,127 आवेदन अस्वीकृत तथा 869 लंबित हैं।

जिले के सभी 14 अंचलों में दाखिल-खारिज आवेदनों की स्थिति

अंचल आवेदन निष्पादित अस्वीकृत लंबित
आरा 79,025 49,487 28,210 1,328
बिहिया 24,057 16,729 6,729 599
शाहपुर 21,466 12,054 9,060 352
पीरो 38,128 27,912 9,911 305
चरपोखरी 15,050 8,846 5,955 249
तरारी 20,570 13,052 7,190 328
कोईलवर 30,734 21,591 8,619 524
बड़हरा 19,892 11,780 7,805 307
उदवंतनगर 45,144 33,148 11,127 869
गड़हनी 17,154 9,992 6,929 233
अगिआंव 17,265 9,978 7,023 264
सहार 13,521 9,530 3,865 126
संदेश 15,460 9,935 5,332 193
जगदीशपुर 42,721 29,849 12,478 394
योग 4,00,187 2,63,883 1,30,233 6,071

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