विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में जमीन मालिकों को राहत: 31 अक्टूबर तक अपडेट होगी जमाबंदी, उत्तराधिकार नामांतरण भी होगा आसान

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:41 PM (IST)

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक भू-अभिलेखों को पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए अभियान चलाएगा।

बिहार में 31 अक्टूबर तक चलेगा जमाबंदी शुद्धीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण अभियान (AI Generated Image)

बिहार में 31 अक्टूबर तक चलेगा जमाबंदी शुद्धीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण अभियान (AI Generated Image)

HighLights

  1. 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान।

  2. डिजिटाइज्ड जमाबंदी की त्रुटियों को सुधारा जाएगा।

  3. मृत जमाबंदीदारों के उत्तराधिकारियों के नाम नामांतरण होगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। भू-अभिलेखों को पारदर्शी और अद्यतन (अपडेटेड) बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक अभियान चलाने जा रहा है।

इसके तहत डिजिटाइज्ड जमाबंदी को मूल जमाबंदी पंजी की स्कैन प्रति से मिलाकर त्रुटियों का सुधार करने के साथ-साथ मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम से उत्तराधिकार नामांतरण की कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस संंबंध में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं और बंदोबस्त पदाधिकारियों को पत्र जारी कर अभियान को निर्धारित अवधि में पूरा करने का निर्देश दिया है।

पत्र में कहा गया है कि जमाबंदी में रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान अथवा अन्य विवरण मूल अभिलेख से अलग पाए जाने पर उसे दुरुस्त किया जाए। शून्य रकबा, शून्य लगान तथा मिसिंग सूचनाओं को भी अभियान के दौरान ठीक किया जाएगा।

रोज होगी प्रगति की समीक्षा

अभियान की निगरानी के लिए अंचल अधिकारी दैनिक प्रगति रिपोर्ट भूमि सुधार उप-समाहर्ता और अपर समाहर्ता को देंगे। अपर समाहर्ता जिले के नोडल पदाधिकारी होंगे और समाहर्ता नियमित एवं दैनिक समीक्षा करेंगे। विभाग भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की प्रगति की लगातार समीक्षा करेगा।

गुणवत्ता जांच के लिए भूमि सुधार उप-समाहर्ता प्रत्येक अंचल के पांच प्रतिशत, अपर समाहर्ता दो प्रतिशत और समाहर्ता एक प्रतिशत मामलों का रैंडम वेरिफिकेशन करेंगे।

अभियान के दौरान क्षेत्रीय सत्यापन में सरकारी भूमि के डेटाबेस में दर्ज पांच एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली भूमि का भी स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए मौजावार सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाएगी।

यह भी पढ़ें- बिहार में जमीन के कागजात होंगे अपडेट, मृत जमीन मालिकों की जमाबंदी अब वारिसों के नाम होगी

यह भी पढ़ें- औरंगाबाद: फार्मर रजिस्ट्री में अटकी किसानों की जमीन, पूर्वजों के नाम जमाबंदी बनी रोड़ा