बिहार में खनिज बंदोबस्तधारियों के लिए खनन योजना जमा करने की डेडलाइन तय, देरी पर लगेगा भारी जुर्माना
खनिज बंदोबस्तधारियों के लिए खनन योजना जमा करने की समय-सीमा तय की गई है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
15 दिन में खनन योजना जमा करना अनिवार्य होगा।
देरी होने पर चरणबद्ध तरीके से भारी जुर्माना लगेगा।
योजना जमा न करने पर स्वीकृति रद, जमा राशि जब्त।
राज्य ब्यूरो, पटना। खनिज बंदोबस्तधारियों के लिए खनन योजना तैयार करने और उसे मंजूरी के लिए जमा करने की समय-सीमा तय कर दी गई है।
सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति (एलओआई) जारी होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर बंदोबस्तधारी को घाट से खनन कैसे और कितना होगा इसके लिए संबंधित बंदोबस्तधारी को खनन योजना विभाग में अनुमोदन के लिए जमा करनी होगी।
योजना तैयार करने में राज्य सरकार, अधिकृत एजेंसी अथवा विभाग से मान्यता प्राप्त योग्य व्यक्ति या संस्थान की मदद ली जा सकेगी।
खान एवं भू-तत्व विभाग ने इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के संबंधित जिलों को भी निर्देशित किया है। विभाग के अनुसार यदि तय समय में खनन योजना जमा नहीं की जाती है तो वैसी हालत में बंदोबस्तधारी पर चरणबद्ध तरीके से जुर्माना लगेगा।
पहले एक सप्ताह की देरी पर एक लाख रुपये, अगले एक सप्ताह की देरी पर दो लाख रुपये और इसके बाद अगले दो सप्ताह की देरी पर उच्चतम बोली की 0.5 प्रतिशत राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी।
जुर्माना जमा नहीं करने पर इसकी राशि सुरक्षित जमा से काटी जाएगी। इसके बाद भी खनन योजना अथवा पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए आवेदन नहीं देने पर समाहर्त्ता द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्वीकृति आदेश रद कर दिया जाएगा साथ ही जमा राशि भी जब्त की जा सकेगी।
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