बिहार और झारखंड दोनों की शान बने मुजफ्फरपुर के आशुतोष, थल सैनिक कैंप 2026 में जीता गोल्ड
मुजफ्फरपुर के डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट आशुतोष कुमार ने दिल्ली कैंट में आयोजित थल सैनिक ...और पढ़ें

एनसीसी के कैडेट आशुतोष कुमार
HighLights
एनसीसी कैडेट आशुतोष कुमार ने TSC 2026 में स्वर्ण पदक जीता।
'जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल्स' में बिहार-झारखंड में प्रथम स्थान।
आशुतोष का लक्ष्य भारतीय सेना में अधिकारी बनना है।
प्रशांत कुमार, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur NCC Cadet: जिले के लिए गर्व की बात है कि डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय और 32 बिहार बटालियन एनसीसी के कैडेट आशुतोष कुमार ने नाम रोशन किया है।
अंडर ऑफिसर आशुतोष कुमार ने दिल्ली कैंट स्थित डीजी एनसीसी कैंप में आयोजित थल सैनिक कैंप (TSC) 2026 में स्वर्ण पदक जीता है।
निदेशालय का बढ़ाया मान
आशुतोष ने 'जजिंग डिस्टेंस एंड फील्ड सिग्नल्स' (JD & FS) स्पर्धा में पूरे बिहार और झारखंड निदेशालय में पहला स्थान हासिल कर चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की है।
उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से कॉलेज प्रशासन और एनसीसी कैडेट्स में खुशी की लहर दौड़ गई है।
17 निदेशालयों से मुकाबला
इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में आशुतोष ने देश भर के सभी 17 निदेशालयों के सर्वश्रेष्ठ कैडेट्स के साथ कड़ा मुकाबला किया।
थल सेना शिविर को एनसीसी का सबसे कठिन कैंप माना जाता है, जहां कई कठिन चरणों से गुजरने के बाद ही कैडेट्स का चयन होता है।
लिखित परीक्षा में अव्वल
प्रतियोगिता के दौरान आशुतोष कुमार ने जजिंग डिस्टेंस, फील्ड सिग्नल्स और सर्विस लिखित परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
उनके शानदार कौशल के बल पर ही बिहार और झारखंड direct-orate को यह महत्वपूर्ण ट्रॉफी हासिल हो सकी है।
कॉलेज में मिला सम्मान
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार और एनसीसी अफसर डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा ने आशुतोष को शुभकामनाएं दीं।
वहीं मुजफ्फरपुर ग्रुप के ग्रुप कमांडर और 32 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने भी उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
सेना में जाने का लक्ष्य
अपनी सफलता पर बात करते हुए कैडेट आशुतोष ने कहा कि यह उनके सीनियर्स, कॉलेज और बटालियन परिवार की संयुक्त जीत है।
उन्होंने बताया कि अब उनका मुख्य लक्ष्य आर्मी अटैचमेंट कैंप और सुपर 30 में शामिल होकर भारतीय सेना में अधिकारी बनना है।
