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बिहार में ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप को रफ्तार: अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी संभालेगी कमान, बदलेगी शहरों की सूरत

Published: Sun, 12 Jul 2026 01:47 PM (IST)

बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को गति देने के लिए अहमदाबाद के सीईपीटी विश्वविद्यालय को तकनीकी सहायता की जिम्मेदारी सौंपी है।

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HighLights

  1. बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए बड़ा कदम उठाया।

  2. अहमदाबाद के सीईपीटी विश्वविद्यालय को तकनीकी सहायता सौंपी गई।

  3. परियोजनाओं से शहरी विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश सरकार ने राज्य में बनने वाली ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को तेजी और बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) विश्वविद्यालय के सलाहकार फाउंडेशन को तकनीकी सहायता देने की जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार का उद्देश्य है कि नई टाउनशिप की योजना बनाने से लेकर उसके निर्माण और निगरानी तक हर काम विशेषज्ञों की मदद से समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करना है।

खाली जमीन पर पूरी योजना बनाकर विकसित होगी टाउनशिप

ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप खाली जमीन पर पूरी योजना बनाकर विकसित की जानी है। यहां शुरुआत से ही चौड़ी सड़कें, पेयजल, बिजली, सीवर, स्कूल, अस्पताल, पार्क, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाएं एक साथ विकसित की जाएंगी। इसका मकसद बड़े शहरों पर बढ़ती आबादी का दबाव कम करना और लोगों को बेहतर रहने की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सीईपीटी की टीम परियोजनाओं की विस्तृत योजना तैयार करेगी

जाहिर है इतनी बड़ी परियोजनाओं में कई विभागों को मिलकर काम करना होगा। जमीन, सड़क, बिजली, पानी, पर्यावरण और अन्य कई मामलों में तकनीकी सलाह की जरूरत को देखते हुए सरकार ने यह पहल की है।

सीईपीटी की टीम परियोजनाओं की विस्तृत योजना तैयार करने, काम की निगरानी करने, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने, जरूरी नीतिगत सुझाव देने और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने में मदद करेगी। इससे परियोजनाओं में देरी कम होगी और काम तय समय में पूरा करने में आसानी होगी।

टाउनशिप बनने से उद्योग, व्यापार और आवास क्षेत्र का होगा विस्तार

नगर विकास एवं आवास विभाग का दावा है कि नई टाउनशिप बनने से उद्योग, व्यापार और आवास क्षेत्र का तेजी से विस्तार होगा। इससे नए रोजगार पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। लोगों को बेहतर सड़क, परिवहन और अन्य शहरी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे जीवन स्तर में सुधार आएगा।

सरकार को उम्मीद है कि यह पहल बिहार में सुनियोजित शहरी विकास को नई दिशा देगी। आने वाले वर्षों में आधुनिक और सुविधायुक्त शहर विकसित होंगे, जिससे बढ़ती आबादी की जरूरतें पूरी करने के साथ राज्य के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

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