विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में आरा मिल, वीनियर और प्लाईवुड उद्योगों के लाइसेंस नियम हुए सख्त, विस्तार के लिए समय सीमा तय

Published: Mon, 26 Oct 2026 06:52 PM (IST)

बिहार सरकार ने आरा मिल, वीनियर और प्लाईवुड उद्योगों के संचालन के लिए नियमों को सख्त कर दिया है। लाइसेंस ...और पढ़ें

बिहार में आरा मिल, वीनियर और प्लाईवुड उद्योगों के लाइसेंस नियम हुए सख्त (AI Generated Image)

बिहार में आरा मिल, वीनियर और प्लाईवुड उद्योगों के लाइसेंस नियम हुए सख्त (AI Generated Image)

HighLights

  1. लाइसेंस नवीकरण न होने पर रद किया जा सकेगा।

  2. नवीकरण में देरी पर 50 से 100 प्रतिशत जुर्माना।

  3. उद्योग स्थानांतरण, विस्तार के लिए समय सीमा तय।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में आरा मिल, वीनियर मिल और प्लाईवुड उद्योगों के संचालन को लेकर सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। लाइसेंस का लगातार पांच साल तक नवीकरण नहीं कराने पर उसे रद किया जा सकेगा। नवीकरण में देरी पर 50 से 100 प्रतिशत तक जुर्माना देना होगा।

वहीं, उद्योग का स्थान बदलने, लाइसेंस हस्तांतरित करने और विस्तार की अनुमति के लिए समय सीमा तय कर दी गई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने बिहार काष्ठ आधारित उद्योग (स्थापना एवं विनियमन) नियमावली, 2025 में संशोधन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

नए प्रविधान के अनुसार, लाइसेंस नवीकरण के लिए आरा मिल को 10 हजार, वीनियर मिल को 20 हजार और प्लाईवुड उद्योग सहित अन्य इकाइयों को 25 हजार रुपये देने होंगे।

अवधि समाप्त होने के एक साल के भीतर आवेदन पर 50 प्रतिशत और एक साल बाद आवेदन करने पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा। लगातार पांच साल नवीकरण नहीं कराने पर कारण बताओ नोटिस के बाद लाइसेंस रद किया जा सकेगा।

विभाग की अधिसूचना के अनुसार लाइसेंस हस्तांतरण के लिए आरा मिल को पांच हजार, वीनियर मिल को 10 हजार और प्लाईवुड उद्योग सहित अन्य इकाइयों को 15 हजार रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।

संबंधित पक्षों को सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद लाइसेंसिंग अधिकारी 30 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसा राज्यस्तरीय समिति को भेजेंगे।

उत्तराधिकार के मामले में सक्षम प्राधिकारी की उत्तराधिकार सूची और अन्य उत्तराधिकारियों की अनापत्ति के आधार पर लाइसेंस हस्तांतरित होगा।

स्थानांतरण के मामले में नए स्थान पर उद्योग शुरू करने से पहले पुरानी इकाई हटानी होगी और इसकी पुष्टि संबंधित अधिकारी से करानी होगी। उद्योग के विस्तार के आवेदन पर भी 30 दिनों में निर्णय लेना होगा।

यह भी पढ़ें- गयाजी में 2500 करोड़ के विष्णुपद कॉरिडोर का फरवरी में PM कर सकते हैं शिलान्यास; धरोहरों को बचाने की तैयारी