गयाजी में 2500 करोड़ के विष्णुपद कॉरिडोर का फरवरी में PM कर सकते हैं शिलान्यास; धरोहरों को बचाने की तैयारी
गयाजी में 2500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसकी कार्ययोजना और ...और पढ़ें

गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर की तैयारी तेज। फाइल
HighLights
2500 करोड़ रुपये के विष्णुपद कॉरिडोर को मिली मंजूरी।
फरवरी 2027 में PM मोदी कर सकते हैं शिलान्यास।
धार्मिक स्थलों और पुरानी धरोहरों को कम नुकसान होगा।
जागरण संवाददाता, गयाजी। मोक्ष और शांति की भूमि गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में सरकार ने भी कदम बढ़ाए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, विष्णुपद कॉरिडोर की कार्ययोजना तैयार करने वाली कंपनी को बदल दिया गया है। नई कार्य एजेंसी की ओर से तैयार कॉरिडोर के प्रारूप को राज्य सरकार पहले ही अनुमोदित कर चुकी है।
25 सौ करोड़ की मिली मंजूरी
इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार की कैबिनेट से 2,500 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी मिल चुकी है। अब कार्ययोजना के तहत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा।
इसके बाद निविदा प्रकाशित कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। डीपीआर तैयार करने और निविदा के माध्यम से एजेंसी चयन की प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फरवरी 2027 में बोधगया में आयोजित होने वाले बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के दौरान विष्णुपद कॉरिडोर का शिलान्यास कराने की तैयारी है।
हालांकि, शिलान्यास की तिथि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिलान्यास के बाद कॉरिडोर निर्माण के कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
कम से कम नुकसान के साथ सुविधाओं का होगा विस्तार
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, विष्णुपद कॉरिडोर की कार्ययोजना इस तरह तैयार की गई है कि धार्मिक स्थलों और पुरानी धरोहरों को कम से कम नुकसान पहुंचे तथा श्रद्धालुओं और आम लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं मिल सकें।
कॉरिडोर का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण विष्णुपद मंदिर के पूर्वी हिस्से यानी देवघाट की ओर प्रस्तावित है। योजना के तहत पूर्वी हिस्से में सीताकुंड से विष्णुपद मंदिर तक एक बड़ा फ्लाईओवर, पार्किंग क्षेत्र और घुघरीटांड बाईपास से कनेक्टिविटी विकसित करने सहित कई कार्य किए जाने हैं।
इसके अलावा बाजार, ड्रेनेज और प्रकाश की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। गयाजी रबर डैम में भगवान विष्णु के पदचिह्नों से संबंधित प्रतिमा स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है।
मंदिर पहुंचने का रास्ता होगा सुगम
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, विष्णुपद मंदिर के मुख्य द्वार की ओर प्रशासनिक भवन, विवाह मंडप और श्मशान घाट के साथ-साथ अवैध निर्माणों को हटाने की योजना है।
इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कॉरिडोर निर्माण के दौरान मंदिर और क्षेत्र की प्राचीन धरोहरों को सुरक्षित रखने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
विष्णुपद कॉरिडोर का डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद जल्द ही निविदा निकाली जाएगी और निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू होगा।
शशांक शुभंकर, डीएम, गयाजी
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