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बिहार में फ्री बिजली योजना से ₹23000 करोड़ का बोझ, सक्षम लोग भी ले रहे सब्सिडी का लाभ

Published: Tue, 03 Nov 2026 01:48 PM (IST)

बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से राज्य पर ₹23,000 करोड़ का सालाना बोझ पड़ रहा है, जिसमें सक्षम उपभोक्ता भी लाभ ले रहे हैं।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. सक्षम उपभोक्ता भी ले रहे 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ।

  2. राज्य पर सालाना ₹23,000 करोड़ की सब्सिडी का बोझ।

  3. पथ निर्माण मंत्री ने मुफ्त बिजली लाभ छोड़ने की घोषणा की।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बिजली उपभोक्ताओं में 10 फीसद लोग ऐसे हैं, जो सक्षम हैं पर इसके बाद भी 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं।

बिजली कंपनी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की अद्यतन संख्या 2.20 करोड़ है। इनमें 20 लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं, जो अगर 125 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ को छोड दें तो कंपनी को मोटी राशि की बचत हो सकती है।

प्रदेश में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिल रहा है। इस मुफ्त बिजली की व्यवस्था पर सरकार हर साल 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही। प्रति वर्ष औसतन एक परिवार को आठ से 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

90 लाख उपभोक्ता ऐसे जो बीपीएल श्रेणी के

राज्य में केवल 90 लाख बिजली उपभोक्ता ही इस श्रेणी के हैं, जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) हैं। इन्हें भी 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है। पर बड़े मामले ऐसे हैं, जहां इस श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा 125 यूनिट की खपत भी नहीं हो पा रही।

सरकार ने उनकी छत पर 1.5 किलोवाट के सोलर प्लेट लगाने की योजना शुरू की है। यह ग्रिड कनेक्टेड है। यानी आने वाले समय में इन्हें मिलने वाली 125 यूनिट मुफ्त बिजली इनके सोलर प्लेट से तैयार होने वाली बिजली से एडजस्ट हो जाएगी।

दो लाख औद्योगिक उपभोक्ता

राज्य में दो लाख के करीब औद्योगिक उपभोक्ता हैं। यह कुल उपभोक्ताओं की संख्या का 1.5 प्रतिशत है। वहीं यहां व्यावसायिक उपभोक्ताओं की संख्या कुल उपभोक्ताओं की संख्या का 6. 9 प्रतिशत है। बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार यह संख्या 12. 4 लाख के करीब है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या 50 प्रतिशत

राज्य में ग्रामीण उपभोक्ताओं की संख्या कुल उपभोक्ताओं का 50 प्रतिशत है। इन्हें भी 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। शहरी आवास योजना के तहत प्रति मकान की लागत 1.20 लाख है। इस हिसाब से 23 हजार करोड़ रुपये की जो बिजली सब्सिडी की राशि है उससे 1.91 करोड़ आवास बन सकते हैंं।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के वैसे प्रमुख विभाग, जिनका बजट कुल सब्सिडी से कम

1 ऊर्जा विभाग- 18,649 करोड़

2. गृह एवं पुलिस विभाग- 16,480 करोड़

3. नगर विकास एवं आवास- 14,050 करोड़

4. परिवहन विभाग- 10,178 करोड़

5. कृषि-8463 करोड़

6. जल संसाधन -8422 करोड़।

इसके अतिरिक्त सहकारिता, आपदा प्रबंधन व कला संस्कृति विभाग का बजट भी 23 हजार करोड़ रुपये से कम है।

खुद सबसे पहले 125 यूनिट का लाभ छोड़ रहा :पथ निर्माण मंत्री

 पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि मु्ख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने की जो बात कही है वह स्वागत योग्य है। सबसे पहले वह खुद इसे छोड़ने जा रहे।

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