बिहार में बाढ़ की बालू-गाद से हुए नुकसान की होगी भरपाई, 22 जिलों के किसानों को मुआवजा देगी सम्राट सरकार
बिहार में इस वर्ष आई बाढ़ के कारण खेतों और तालाबों में बालू, रेत और गाद जमा हो गई है, जिससे कृषि और मछली पालन प्रभावित हुआ है।

बाढ़ की वजह से खेत में जमी गाद। फाइल फोटो
HighLights
बाढ़ से खेतों और तालाबों में बालू-गाद जमा हुई।
खेती और मछली पालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सरकार 22 जिलों में मुआवजे की तैयारी कर रही है।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में इस वर्ष आई बाढ़ से खेत-चौर और पोखर-तालाब आदि में बालू, रेत और गाद जमा हो गया है। गंगा, सोन, गंडक, कोसी आदि नदियों के बहाव क्षेत्र वाले पटना सहित 22 जिलों में यह समस्या अधिक है।
इस कारण उन जिलों में खेतीबाड़ी और मछली पालन के प्रभावित होने की आशंका है। किसान और मछली पालक परेशान हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग ने उन जिलाधिकारियों को वस्तुस्थिति का आकलन कर सरकार से राहत राशि की मांग करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार विभाग ने सभी 22 जिलाधिकारियों को पत्र के माध्यम से कहा है कि प्रभावित कृषि योग्य भूमि तथा मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराकर बालू, रेत एवं गाद के जमाव का आकलन किया जाए।
उसके आधार पर राशि की मांग की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में कृषि एवं मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को सुचारू बनाया जा सके। राहत राशि की मांग एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के निर्धारित सहायता मानकों के अंतर्गत होगी।
किन-किन जिलों को पत्र
पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल, सहरसा
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