मुजफ्फरपुर के रघई घाट, बंगरा और पिलखी पुल पर लगेंगे इलेक्ट्रानिक टोल कलेक्शन सिस्टम
मुजफ्फरपुर के रघई घाट, बंगरा घाट और पिलखी पुलों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। यह प्रणाली टोल वसूली ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
रघई, बंगरा, पिलखी पुलों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम।
ओवरलोड वाहनों की पहचान, वजन निगरानी में सहायक।
पुलों की सुरक्षा, रखरखाव में मिलेगी मदद।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रघई घाट, बंगरा घाट पुल और पिलखी पुल पर टोल वसूली को लेकर पुल निर्माण निगम ने कवायद तेज कर दी है। इन पुलों पर इलेक्ट्रानिक टोल सिस्टम लगाया जाएगा। इसे लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इलेक्ट्रानिक टोल कलेक्शन सिस्टम लगाने पर करीब 5.18 करोड़ रुपये किए जाएंगे। इससे ओवरलोड वाहनों की पहचान करने और निर्धारित वजन से अधिक भार लेकर पुलों से गुजरने वाले वाहनों की निगरानी में मदद मिलेगी।
इन तीनों पुलों पर इलेक्ट्रानिक टोल कलेक्शन (ईटीसी), मीडियम स्पीड वेट-इन-मोशन (एमएसडब्ल्यूआइएम) और स्टैटिक वेट ब्रिज (एसडब्ल्यूबी) सिस्टम लगाए जाएंगे।
इन तकनीक से टोल वसूली को अत्याधुनिक बनाने के साथ वाहनों के वजन की जांच भी की जा सकेगी। इसे लेकर नवंबर के पहले सप्ताह के बाद कार्यादेश जारी किया जा सकता है।
बताया गया कि इसकी विशेषता वेट-इन-मोशन तकनीक है। इसके माध्यम से वाहन को रोके बिना उसके चलते रहने के दौरान वजन मापा जा सकेगा। वहीं, स्टैटिक वेट ब्रिज पर वाहन को रोककर उसके वजन की जांच की जाएगी।
दोनों व्यवस्थाओं से ओवरलोड वाहनों की पहचान करने और पुलों पर निर्धारित भार सीमा के अनुपालन की निगरानी में सहूलियत होगी। बताया जाता है कि ओवरलोड वाहनों के परिचालन से पुलों की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
ऐसे में वजन जांच की आधुनिक व्यवस्था से पुलों की सुरक्षा और रखरखाव की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। टोल सिस्टम लगने के बाद विभाग वाहनों की भार क्षमता भी निर्धारित करेगा। इसका संचालन निजी एजेंसी के हाथ होगा।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का इसके साथ तीन साल दो महीने का अनुबंध होगा। एजेंसी को सिस्टम की आपूर्ति, स्थापना, एकीकरण, परीक्षण और चालू करने के साथ-साथ उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी।
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