'कर्ज लेकर खरीदी संपत्तियां, एजेंसियों के दावे गलत', बिहार में SVU की रेड के बाद इंजीनियर ने दी सफाई
विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति का दावा किया है।

विशेष निगरानी इकाई।
HighLights
एसवीयू ने इंजीनियर राजेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी में करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति का दावा किया गया।
इंजीनियर ने संपत्ति के कई आंकड़ों को गलत बताया, आरोपों का खंडन।
राज्य ब्यूरो, पटना। लघु जल संसाधन विभाग के सारण अंचल में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार के ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की कार्रवाई के बाद करोड़ों की संपत्ति और उसकी वैधता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
एसवीयू ने छापेमारी में करीब तीन करोड़ एक लाख 87 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने का दावा किया है। वहीं, राजेंद्र कुमार ने एसवीयू की ओर से सामने रखे गए संपत्ति के कई आंकड़ों और जमीनों को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
एसवीयू का छापा और बरामदगी
एसवीयू के अनुसार शुक्रवार को पटना, छपरा, गोपालगंज और मुंबई समेत छह ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई में करीब चार करोड़ रुपये की जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
एक लाख 96 हजार रुपये नकद, करीब 76 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण तथा महंगी वस्तुओं की खरीद से संबंधित बिल मिलने का भी दावा है।
एजेंसी के अनुसार इंजीनियर की मां सुनैना देवी के नाम पनवेल में 1.61 करोड़ रुपये की जमीन और पत्नी कंचन कुमारी के नाम मुंबई के नेरूल में फ्लैट समेत कई संपत्तियां मिली हैं।
नवादा, पटना, बिक्रम और गोपालगंज में भी जमीनों का उल्लेख किया गया है। एसवीयू का आरोप है कि अवैध तरीके से अर्जित धन को परिजनों के बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित कर वैध दिखाने का प्रयास किया गया। छह बैंक खातों समेत अन्य खातों की जानकारी मिलने की बात भी एजेंसी ने कही है।
इंजीनियर का पलटवार- बोले हकीकत कुछ और है
अधीक्षक अभियंता राजेंद्र कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी मां के नाम पनवेल में 1.61 करोड़ रुपये की जमीन नहीं है। उनके अनुसार पूरी सोसाइटी की जमीन को मां की संपत्ति बताया गया है, जबकि मां के नाम केवल नौ गुंठा जमीन है, जिसकी कीमत करीब 26 लाख रुपये है।
उन्होंने कहा कि मां, भाई और उनके नाम पर एसबीआई का करीब 1.45 करोड़ रुपये का ऋण चल रहा है और जिन संपत्तियों को संदिग्ध बताया जा रहा है, उनमें कई की खरीद ऋण की राशि से हुई है।
गोनावन, नवादा में 25 लाख क खरीद-बिक्री को समझौता डीड बताया और कहा यह फेल है। इससे कोई लेना देना नहीं। उक्त राशि प्रिंस कुमार ने दी है।
10 लाख रुपये की जिन जमीनों का उल्लेख किया गया है, उनसे उन्होंने अपने परिवार का संबंध होने से इनकार किया। 39 लाख रुपये के दूसरे प्लॉट के संबंध में भी उन्होंने इसे मनगढ़ंत बताया है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि एसवीयू द्वारा जब्त दस्तावेजों में दर्ज संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व, खरीद की राशि और आय के स्रोत क्या हैं। जांच के आगे बढ़ने के साथ आरोप और सफाई के बीच का यह अंतर भी साफ होने की उम्मीद है।
