पटना में नीट प्रकरण पर कांग्रेस का धरना, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर दर्ज के वापस लेने की मांग
नीट प्रकरण में बिहार कांग्रेस ने पटना में धरना प्रदर्शन किया, जिसमें छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और डिटेन करने के खिलाफ पटना में राजभवन के सामने धरना पर बैठे कांग्रेसी नेता।
HighLights
कांग्रेस ने नीट विवाद पर पटना में धरना दिया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मुकदमे वापसी की मांग।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया।
राज्य ब्यूरो, पटना। नीट प्रकरण में विद्यार्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार कांग्रेस ने मंगलवार को लोकभवन के सामने धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
नीट विवाद को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
धरने को संबोधित करते हुए राजेश राम ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों ने देश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने मामले में विद्यार्थियों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग की।
धर्मेंद्र प्रधान से मांगा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। नेताओं ने छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से संसद में ऐसी ठोस और पारदर्शी नीति लाने की मांग की, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की खामी का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। इसलिए परीक्षा प्रणाली को जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शन में मिन्नत रहमानी, असितनाथ तिवारी, प्रेमचंद सिंह समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।