पटना [वेब डेस्क] । शराबबंदी के अपने फैसले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने फेसबुक एकाउंट पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने यह साफ कर दिया है कि किसी भी हाल में वे अपने शराबबंदी के फैसले से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

फेसबुक पर अपनी बातों को रखते हुए उन्होंने कहा कि जैसी आशंका थी, उसी के अनुरूप निजी स्वार्थ के लिए कुछ लोग इस कानून पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि शराबबंदी के नए बिल में दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान लगभग वहीं हैं, जो बजट में सर्वसम्मत से पास किया गया था।

नीतीश ने कहा कि जब मैं किसी को वचन देता हूं तो उसे हर हाल में निभाने की कोशिश करता हूं। मैंने पिछले साल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा था कि यदि हम दोबारा सत्ता संभालेंगे तो शराब पर पाबंदी लगाएंगे और अब शराबबंदी लागू करने के बाद अब इससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनिंदा लोग बिना अधिनियम को ठीक से पढ़ें, इसके कुछ प्रावधानों के विरोध में बोल रहे हैं। वे इस कानून की भावना को नहीं समझ रहे हैं और गलत व्याख्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं साफ कर देना चाहता हूं कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के लिए सरकार संकल्पित और गंभीर है। इस कानून को सख्ती और सही तरीके से लागू किया जाएगा।

मैं यह भी विश्वास लोगों को दिलाना चाहता हूं कि इससे किसी निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं है। मैं शराबबंदी की सफलता और इसे अन्य राज्यों तक पहुंचाने के लिए लोगों के सुझाव का भी सम्मान करूंगा।

सीएम के अनुसार बिहार में पूरी जागरूकता के बाद शराबबंदी लागू की गई। बिहार में जो भी शराब पीएगा उसे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। घर में शराब आएगी तो 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोग गिरफ्तार होंगे।

नीतीश कुमार ने फेसबुक पर लिखा कि गांधीजी ने भी कहा था, अगर एक घंटे के लिए देश का तानाशाह बना तो सबसे पहले शराब दुकानों पर प्रतिबंध लगाउंगा। मैं शराबबंदी से पीछे हटने वाला नहीं हूं।

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा है कि शराब को लेकर जिन राज्यों में पाबंदी है वहां सिर्फ प्रतीकात्मक है, लेकिन बिहार में ऐसा नहीं है और न ऐसा होने दिया जायेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश और झारखंड में शराबबंदी की अपनी मुहिम की चर्चा करते हुए कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश और झारखंड की सरकारों से शराबबंदी लागू करने की अपील की, लेकिन वो लोग अबतक साहस नहीं जुटा सके हैं।

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उन्होंने कहा कि शराबबंदी का एलान और इसे लागू करना काफी कठिन कार्य था लेकिन अगर ठान लिया जाए तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता। शराबबंदी को लेकर मुश्किल बात यह थी कि इससे पहले कभी भी सफलतापूर्वक इसे लागू नहीं किया जा सका था। लेकिन मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया और इसे अंजाम तक पहुचाया है।

नीतीश कुमार के इस पोस्ट पर लोगों ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने इसे सराहा है तो कुछ ने इसे तानाशाही करार दिया है।

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मुख्यमंत्री के इस पोस्ट पर कुछ लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी तो कुछ लोगों ने उनके फैसले की जमकर सराहना की।इसके अलावे किसी ने नसीहत दी है तो किसी ने आलोचना की । कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार का फैसला सही है और देश में वही एक एेसे नेता हैं जो एेसा बड़ा फैसला ले सकते हैं।

Posted By: Kajal Kumari

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