बिहार के हर शहर की नई पहचान बनेगी सिग्नेचर सड़क, मंत्री बोले- सिटी की ब्यूटी बढ़ाना हमारा टारगेट
बिहार के नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सभी शहरों में बेहतर शहरी सुविधाएं और सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
हर शहर में 1-2 किमी लंबी सिग्नेचर रोड बनेगी।
अक्टूबर 2026 तक कई शहरी विकास योजनाएं पूरी होंगी।
शहरों को स्वच्छ, आधुनिक और सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहरों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के उद्देश्य से अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का चयन एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी नगर निकायों को ऐसे अल्पकालिक लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है, जिन्हें अक्टूबर, 2026 तक पूर्ण किया जा सके। इसके लिए योजनाओं का शीघ्र चयन, प्रशासनिक स्वीकृति तथा समयबद्ध तरीके से कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सके।
बदल जाएगी शहरों की तस्वीर
मंत्री मिश्रा ने कहा कि हर शहर में एक से दो किलोमीटर लंबी एक सिग्नेचर रोड बनाई जाएगी, जो उस शहर की नई पहचान बनेगी। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि शहरों की पूरी तस्वीर बदलना है।
समयबद्ध और प्रभावी योजनाओं के जरिए बिहार के शहरों को स्वच्छ, आधुनिक और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। सभी नगर निकायों को ऐसे विकास कार्य चुनने का निर्देश दिया गया है, जिन्हें अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जा सके।
इसके साथ ही दिसंबर 2028 तक पूरे होने वाले बड़े विकास कार्यों की भी योजना तैयार की जाएगी। ऐसे प्रोजेक्ट चुने जाएंगे, जिनका लाभ सबसे अधिक लोगों को मिले।
सुंदरता बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा कि हर नगर निकाय में बनने वाली सिग्नेचर रोड का चौड़ीकरण होगा, आकर्षक लाइटें लगेंगी, हरियाली बढ़ाई जाएगी और लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जहां जरूरत होगी, वहां व्यवस्थित नाइट मार्केट भी बनाया जाएगा। सरकार का विजन है कि बिहार का हर शहर आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहने के लिए बेहतर बने। सिग्नेचर रोड जैसी योजनाएं शहरों की पहचान बदलेंगी, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देंगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगी।
इन योजनाओं के पूरा होने से शहरों की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं मिलेंगी और बिहार के शहर विकास के नए माडल के रूप में सामने आएंगे।
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