₹2464 करोड़ की लागत से बदलेगी पटना शहर की सूरत, 6 बड़ी परियोजनाओं को जमीन में उतारने की तैयारी शुरू
पटना में अर्बन चैलेंज फंड के तहत ₹2,463.91 करोड़ की लागत से छह बड़ी शहरी विकास परियोजनाएं शुरू होंगी। इनमें ...और पढ़ें
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एआई जनरेटेड फोटो
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी में आधुनिक शहरी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) मिशन के तहत नगर निगम ने 2,463.91 करोड़ रुपये की लागत से शापिंग माल, वेंडिंग जोन व सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर समेत छह बड़ी परियोजनाओं की तैयारी शुरू कर दी है।
इन योजनाओं के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा चयनित एजेंसी के साथ नगर निगम जल्द एकरारनामा करेगा। इसके बाद सभी परियोजनाओं का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा।
इन योजनाओं का उद्देश्य शहर में आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करना, स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना, हरित क्षेत्र बढ़ाना और नगर निगम की आय में वृद्धि करना है।
नगर निगम का मानना है कि परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और राजधानी का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
बड़ी परियोजनाएं
सबसे बड़ी परियोजना खेतान मार्केट में प्रस्तावित 736.41 करोड़ रुपये का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स है। वहीं, शहर के विभिन्न हिस्सों में 724.93 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे।
पटना जंक्शन के पास स्थित न्यू मार्केट का भी 590.05 करोड़ रुपये से पुनर्विकास कर बहुमंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। इसके अलावा वार्ड-42 स्थित बावन बीघा, आर्य कुमार रोड में 280.44 करोड़ रुपये से शापिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।
श्रीकृष्ण पुरी में 82.08 करोड़ रुपये की लागत से अतिथि गृह-सह-नागरिक सुविधा केंद्र विकसित होगा, जहां बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 50 करोड़ रुपये से साइकिल ट्रैक, वाक-वे, लैंडस्केपिंग और अन्य हरित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
बाजार से जुटाया जाएगा 50 प्रतिशत फंड
नगर निगम के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी।
परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में आधुनिक व्यावसायिक केंद्रों का विकास होगा, स्ट्रीट वेंडरों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। इससे राजधानी के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इन छह परियोजनाओं पर होगा काम
| परियोजना | अनुमानित लागत (करोड़ ₹ में) |
|---|---|
| न्यू मार्केट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स | 590.05 |
| खेतान मार्केट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स | 736.41 |
| वार्ड-42 में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स | 280.44 |
| शहरभर में वेंडिंग जोन | 724.93 |
| अतिथि गृह-सह-नागरिक सुविधा केंद्र | 82.08 |
| अर्बन ग्रीन एवं रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर | 50.00 |
ऐसे होगी परियोजनाओं की फंडिंग
- 50 प्रतिशत राशि बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाएगा नगर निगम।
- 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार देगी।
- 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से मिलेगी।
- डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति मिलेगी।
- योजनाओं का लक्ष्य राजस्व बढ़ाने के साथ रोजगार और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार करना।
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