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बिहार में मध्यप्रदेश की तर्ज पर पान विकास आयोग बनाने की मांग, नीतीश कुमार से मिला चौरसिया समाज

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:28 PM (IST)

चौरसिया समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में मध्य प्रदेश की तर्ज पर पान विकास आयोग के गठन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।

चौरसिया समाज ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार से की मुलाकात।

चौरसिया समाज ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार से की मुलाकात।

HighLights

  1. चौरसिया समाज ने पान विकास आयोग गठन की मांग की।

  2. पान को बिहार की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया गया।

  3. वार्ड सचिवों ने स्थायी सेवा और वेतनमान की मांग की।

राज्य ब्यूरो, पटना। चौरसिया समाज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार काे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके सात सर्कुलर रोड स्थित पर मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर बिहार में पान विकास आयोग गठन की मांग की। सुभाष चन्द्र प्रसाद एवं नवीन कुमार उर्फ नगीना चौरसिया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, विधान परिषद् में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ एवं मुख्य सचेतक संजय गांधी भी मौजूद थे।

चौरसिया समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार से कहा कि पान न केवल बहुपयोगी और औषधीय पौधा है, बल्कि यह बिहार की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा भी है।

उचित संरक्षण एवं संवर्धन के अभाव में आज यह पौधा लुप्त होने की कगार पर है। ऐसे में चौरसिया समाज की लम्बे समय से मांग रही है कि 'पान विकास आयोग' का गठन हो ताकि पान की फसल के उत्पादनकर्ताओं एवं उपभोगकर्ताओं के समक्ष उत्पन्न विकट समस्या का समाधान हो सके।

नीतीश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुना और कहा कि वे उनकी मांगों से सरकार को अवगत कराएंगे और प्रयास करेंगे कि शीघ्र ही इस संबंध में यथोचित कार्रवाई हो।

वार्ड सचिव संघ के प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार से की मुलाकात

वहीं, दूसरी ओर वार्ड सचिव संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पटना स्थित उनके आवास पर मुलाकात कर 1,14,691 पूर्व वार्ड सचिवों को पुनः बहाल करने का ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने पत्र के माध्यम से अपनी सेवा समाप्ति से हो रहे कठिनाइयों, सेवा को स्थायी कर सम्मानजनक वेतनमान सहित अन्य समस्याओं से अवगत कराया।

वार्ड सचिवों के परिवार के भविष्य देखते हुये उनके हित में सरकार के स्तर पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित पहल किए जाने का आग्रह किया।

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