विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार सरकार ने बदला DMF राशि का नियम: जिस प्रखंड से निकलेगा खनिज, वहीं खर्च होंगे 70 प्रतिशत पैसे 

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:22 PM (IST)

बिहार सरकार ने जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब खनन प्रभावित प्रखंडों में 70% राशि खर्च की जाएगी।

बिहार सरकार ने बदला DMF राशि का नियम (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

बिहार सरकार ने बदला DMF राशि का नियम (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. खनन प्रभावित प्रखंडों में 70% DMF राशि खर्च होगी।

  2. सांसदों, विधायकों को DMF की सदस्यता दी जाएगी।

  3. खनन क्षेत्रों में विकास और पारदर्शिता बढ़ेगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। खनन से प्रभावित इलाकों में अब जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की राशि का बड़ा हिस्सा उसी क्षेत्र के विकास पर खर्च होगा, जहां से खनिज निकाला जा रहा है। डीएमएफ की व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी बढ़ाई गई है। 

संबंधित जिले के सांसदों, विधान पार्षदों और विधायकों को जिला खनिज फाउंडेशन की सदस्यता दी जाएगी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य डीएमएफ से संचालित योजनाओं की निगरानी को मजबूत करना और राशि के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ाना है।

फाउंडेशन के कार्यकलाप की समीक्षा

खान एवं भू-तत्व विभाग के स्तर पर बुलाई गई समीक्षा बैठक में विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इसी क्रम में जिला खनिज फाउंडेशन के कार्यकलाप की भी समीक्षा हुई। 

समीक्षा में यह बात सामने आई कि खनिज फाउंडेशन में प्राप्त राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा ही अभी जिस प्रखंड में खनन हो रहा है वहां खर्च होता है। यह राशि संबंधित जिले के डीएमएफ में जमा रहती है जो खनन पट्टाधारकों से प्राप्त रॉयल्टी के एक निश्चित अंशदान से प्राप्त होती है। शेष 40 प्रतिशत हिस्सा जिले में खर्च किया जाता है।

70 प्रतिशत राशि उसी प्रखंड में खर्च होगा

पूरी व्यवस्था का आकलन करने के बाद सरकार ने सबस डीएमएफ राशि के खर्च का अनुपात बदल दिया है। अब किसी जिले में खनन से मिलने वाली डीएमएफ राशि की 70 प्रतिशत राशि उसी प्रखंड में खर्च होगा जहां खनन गतिविधियां हो रही हैं। शेष 30 प्रतिशत राशि जिले के दूसरे प्रखंडों में खर्च की जाएगी। पहले यह अनुपात 60:40 था। 

राशि प्रखंड की विकास योजनाओं पर खर्च होती है। खासकर खनन क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं पर। इससे खनन गतिविधियों के कारण प्रभावित होने वाले स्थानीय लोगों और क्षेत्रों में विकास कार्यों को सीधे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- ब‍िहार में दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा रद: BPSSC ने दिया अपडेट, अब नई तारीख का इंतजार