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बिहार में निजी स्कूलों के लिए बदले नियम, 36 साल बाद NOC में जुड़ीं 3 नई शर्तें

Published: Thu, 14 May 2026 07:21 PM (IST)

बिहार सरकार निजी स्कूलों को दिए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के प्रावधानों में 36 साल बाद तीन नई शर्तें जोड़ने जा रही है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. स्कूल किताब-ड्रेस खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे।

  2. फीस बकाया होने पर छात्रों को परीक्षा से नहीं रोका जाएगा।

  3. निजी स्कूल 5 किमी के सरकारी स्कूल का काम देखेंगे।

भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। निजी स्कूलों को अपना शैक्षिक गतिविधि आरंभ करने को ले शिक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए जाने का प्राविधान है। बगैर एनओसी के निजी विद्यालय शैक्षिक क्रियाकलाप नहीं कर सकते।

इस बाबत एनओसी का जो प्रारूप है वह 1990 में तैयार हुआ था। तब से अब तक यानी 36 साल में एक बार भी इसमें कोई संशोधन नहीं हुआ। अब शिक्षा विभाग एनओसी के प्रविधानों में तीन नई शर्तों को जोड़ने जा रहा।

इनमे पहली शर्त यह है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा यह तय नहीं किया जाएगा कि उनके यहां पढ़ने वाला विद्यार्थीं कहां से पुस्तक या फिर ड्रेस खरीदे। स्कूल में अगर किसी विद्यार्थी का फीस बकाया है तो उसे परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा।

तीसरी शर्त यह है कि जिस इलाके में निजी विद्यालय चलेगा उसके पांच किमी के दायरे में स्थित सरकारी विद्यालय की आधारभूत संरचना का काम भी संबंधित निजी विद्यालयों को देखना होगा।

नए प्राविधान की आवश्यकता क्यों?

हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह कहा था कि निजी विद्यालय विद्यार्थियों पर यह दबाव नहीं बना सकते कि वहां से किताब खरीदें। बकाए फीस की वजह से संबंधित विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जा सकता और उसके परीक्षा परिणाम को भी नहीं रोका जा सकता।

पर सरकार के पास इस तरह का कोई विधिसम्मत टूल्स नहीं था जिससे वह इन प्रविधानों को लागू कर सके। इसके बाद तय हुआ कि सरकार निजी विद्यालयों को शैक्षिक क्रियाकलाप आरंभ करने को ले जो एनओसी देती है उसमें इन नए प्रविधानों को जोड़ा जाए। बहुत जल्द एनओसी का परिवर्तित स्वरूप अस्तित्व में आ जाएगा।

अभी इस तरह से मिलता है NOC

वर्तमान में निजी विद्यालयों को जो एनओसी मिलता है उसके तहत संबंधित विद्यालय के लिए सिर्फ जमीन और भवन की उपलब्धता देखी जाती है। शिक्षक कितने हैं इसका भी बहुत हद तक ख्याल नहीं रखा जाता। सचिवालय स्तर से ही सबकुछ तय हो जाता है। 

इन नयी शर्तों को NOC मे जोड़ा जा रहा

1. स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों के लिए यह तय नहीं करेगा कि वे कहां से किताब खरीदें
2. फीस जमा नहीं करने की स्थिति में परीक्षा मे शामिल होने से नहीं रोक सकेंगे
3.निजी स्कूल अपने पांच किमी के दायरे मे सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना भी सुदृढ़ करेंगे

छात्र हित में लेने जा रहे निर्णय

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमलोग छात्रों के हित में निर्णय लेने जा रहे। निजी विद्यालयों के बारे मे अक्सर यह सूचना मिलती है कि वे लोग तय करते हैं कि किताब यहां तक कि उसका कवर और नेम प्लेट कहां से खरीदें।

यह बंद करना है। नहीं मानने पर एनओसी रद करना भी संभव है। स्थानीय स्तर पर निजी विद्यालयों को सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना को भी देखना होगा। 

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