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बिहार में प्राइवेट स्कूलों पर CM सम्राट सख्त, कॉपी-किताब; फीस और यूनिफॉर्म को लेकर नहीं चलेगी मनमानी

Published: Tue, 12 May 2026 07:26 PM (IST)Updated: Tue, 12 May 2026 07:46 PM (IST)

बिहार सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं इस संबंध में जानकारी दी है।

बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी

बिहार में निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी

HighLights

  1. निजी स्कूलों की फीस मनमानी पर लगेगी रोक।

  2. किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीद सकेंगे।

  3. फीस बकाया होने पर पढ़ाई नहीं रुकेगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने निजी स्कूलों में मनमानी रोकने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब प्राइवेट स्कूल फीस, किताब, कॉपी और यूनिफॉर्म के नाम पर अभिभावकों पर मनमाना दबाव नहीं बना सकेंगे।

इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों के हित में अहम माना जा रहा है।

फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी

सरकार के नए निर्देश के मुताबिक सभी निजी स्कूलों को फीस से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।

स्कूल अब बिना कारण फीस में मनमानी बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे और अनावश्यक शुल्क वसूलने पर भी रोक रहेगी।

इससे अभिभावकों को पहले से पूरी जानकारी मिल सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

कहीं से भी खरीद सकेंगे किताब और यूनिफॉर्म

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म किसी एक दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

अब माता-पिता अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी दुकान से कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म खरीद सकेंगे।

इस फैसले से निजी स्कूलों और दुकानों के कथित गठजोड़ पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

फीस बकाया पर नहीं रुकेगी पढ़ाई

सरकार ने छात्रों के हित में बड़ा राहतभरा फैसला लेते हुए कहा है कि फीस बकाया होने पर भी किसी छात्र को परीक्षा देने या रिजल्ट से वंचित नहीं किया जाएगा।

स्कूल प्रबंधन छात्रों पर दबाव बनाकर पढ़ाई बाधित नहीं कर सकेगा। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई

सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग ऐसे मामलों की निगरानी करेगा और शिकायत मिलने पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।

सरकार का दावा है कि इस पहल से बिहार में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और छात्रों के लिए सुलभ बनेगी।