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पेंशन चाहिए तो जल्द कराएं 'जीवन प्रमाणीकरण', बिहार में 13 लाख से अधिक लाभार्थियों का वेरिफिकेशन बाकी

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:13 PM (IST)

राज्य में 13.57 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों ने अभी तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है, जिस पर समाज कल्याण विभाग ने जल्द इसे पूरा करने की अपील की है।

बिहार में 13.57 लाख पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित, विभाग ने की अपील (AI Generated Image)

बिहार में 13.57 लाख पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित, विभाग ने की अपील (AI Generated Image)

HighLights

  1. 13.57 लाख पेंशन लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण बाकी।

  2. समाज कल्याण विभाग ने जल्द सत्यापन कराने की अपील।

  3. पेंशन वितरण में पारदर्शिता हेतु प्रमाणीकरण आवश्यक।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 13 लाख 57 हजार लाभुकों ने जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराया है। इसे गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग ने ऐसे लाभार्थियों से जीवन प्रमाणीकरण कार्य जल्द कराने की अपील की है।

अब तक 88.37 प्रतिशत लाभार्थियों ने जीवन प्रमाणीकरण कार्य पूरा करा लिया है। इस कार्य के पूर्ण होने से लाभुकों को नियमित रूप से पेंशन का लाभ उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने में सुविधा होगी।

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के एक करोड़ 16 लाख 71 हजार 188 लाभार्थी हैं। इनमें से एक करोड़ तीन लाख 13 हजार 620 का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 13 लाख 57 हजार 568 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण बाकी है।

जीवन प्रमाणीकरण कराने वाले लाभार्थियों की संख्या में मधुबनी जिला राज्य में पहले स्थान पर है। यहां पांच लाख नौ हजार 290 पेंशनधारियों का सत्यापन पूरा हो चुका है।

वहीं, पटना में चार लाख 91 हजार 125, पूर्वी चंपारण में चार लाख 85 हजार 930, मुजफ्फरपुर में चार लाख 62 हजार 294 और समस्तीपुर में चार लाख 35 हजार 744 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जा चुका है।

वहीं, पेंशन योजनाओं के कुल लाभार्थियों की संख्या के मामले में पटना जिला पहले स्थान पर है। यहां कुल छह लाख 17 हजार 153 पेंशनधारी हैं।

इसके बाद मधुबनी में पांच लाख 88 हजार 855, पूर्वी चंपारण में पांच लाख 66 हजार 316, मुजफ्फरपुर में पांच लाख 20 हजार 559 और गया में पांच लाख सात हजार 191 लाभार्थी पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं।

समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के मुताबिक, राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना आवश्यक है, ताकि लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन हो सके और पेंशन वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

जिन लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण अभी बाकी है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जल्द अपना सत्यापन करा लें। विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र लाभार्थी आवश्यक जानकारी के अभाव में इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

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