मुंगेर का भीमबांध बनेगा इको-टूरिज्म का नया हब, 3 क्लस्टरों में विकास का मास्टर प्लान तैयार
मुंगेर के भीमबांध क्षेत्र को प्रकृति आधारित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार है। इसमें तीन ...और पढ़ें

भीमबांध में तीन क्लस्टरों के माध्यम से होगा ईको टूरिज्म का विकास (AI Generated Image)
HighLights
भीमबांध क्षेत्र को प्रकृति आधारित पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा।
तीन क्लस्टर में पीपीपी मॉडल पर सुविधाएं विकसित होंगी।
वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय भागीदारी पर विशेष ध्यान।
राज्य ब्यूरो, पटना। मुंगेर के भीमबांध क्षेत्र को प्रकृति आधारित पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का खाका करीब-करीब तैयार कर लिया गया है। इसके लिए तीन क्लस्टर बनाए गए हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विकास जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत कराया जाएगा।
इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी से सुविधाएं विकसित करने के साथ उनके पेशेवर तरीके से संचालन पर भी जोर रहेगा।
पर्यटन विकास के दौरान जंगल, वन्यजीवों और जैव विविधता के संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटकों को प्रकृति के करीब बेहतर अनुभव देने की योजना है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना के तहत पहले क्लस्टर में भीमबांध, बेलाटांड, चोरमारा और भट्ठा कोल को शामिल किया गया है।
दूसरे क्लस्टर में कुकुड़झाप और तीसरे क्लस्टर में खड़गपुर झील, सींघवारिणी और भंवरा कोल का विकास किया जाएगा। इन तीनों क्लस्टरों के लिए परियोजना से जुड़ी निविदा शर्तों और रियायत समझौते के प्रारूप तैयार किए गए हैं।
विभाग के अनुसार, तीनों क्लस्टरों के विकास के लिए निदेशक मंडल की सहमति भी प्राप्त कर ली गई है। स्वीकृति की अन्य निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद निविदा और समझौते से जुड़े दस्तावेजों को मंजूरी दी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य भीमबांध क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करना है।
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