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भरत तिवारी एनकाउंटर पर NDA में ही उठे सवाल; JDU नेता बोले- 4 पुल‍िसकर्मियों पर कार्रवाई काफी नहीं

Published: Sat, 20 Jun 2026 01:58 PM (IST)

भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बिहार और झारखंड की राजनीति गरमा गई है। वीडियो सामने आने के बाद ...और पढ़ें

सांसद पप्‍पू यादव ने भरत त‍िवारी को भगत सिंंह बताया तो संजय झा ने की उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग। फाइल

सांसद पप्‍पू यादव ने भरत त‍िवारी को भगत सिंंह बताया तो संजय झा ने की उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग। फाइल

HighLights

  1. भरत तिवारी एनकाउंटर पर बिहार-झारखंड की राजनीति में घमासान।

  2. सामने आए वीडियो से पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल।

  3. जेडीयू, जेएमएम ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।

डिजिटल डेस्क, पटना। भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार की राजनीति में घमासान तेज हो गया है।

मामला अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड की राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। जेएमएम ने इसको लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। 

सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि सरकार पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

एनकाउंटर से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो को आधार बनाकर कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े किए हैं।

संजय झा बोले- वीडियो संदेह पैदा करता है

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि सामने आया वीडियो संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, लेकिन केवल इतना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।

संजय झा ने कहा, 'सरकार हमेशा कहती है कि कोई अपराधी नहीं बचेगा। यह सिद्धांत केवल आम अपराधियों पर ही नहीं लागू होता। 

बल्कि कानून लागू करने वाले तंत्र पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। यदि किसी पुलिसकर्मी ने भी कानून का उल्लंघन किया है तो उसे भी जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।'

पप्पू यादव ने की भगत सिंह से तुलना

पूर्णिया सांसद पप्‍पू यादव ने भी इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से करते हुए कहा कि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।  

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी साधा निशाना

मामले की गूंज झारखंड तक पहुंच गई है। झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्‍त‍ि मोर्चा (जेएमएम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला।

पार्टी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और कथित अराजकता के खिलाफ आवाज उठाने वाले भरत तिवारी को बड़ी संख्या में पुलिस बल ने घेर लिया और उनकी जान चली गई। जेएमएम ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अश्विनी चौबे ने भी उठाए थे सवाल

इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो फिर गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

चौबे ने कहा था कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।  

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