पटना गोलीकांड: पूर्व पार्षद अनिल यादव मर्डर केस में 4 गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में जुटी पुलिस
पूर्व पार्षद अनिल कुमार यादव को गोली मारने के मामले में एसआईटी ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता शंकर राय की तलाश जारी है।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
पूर्व पार्षद अनिल यादव को गोली मारने के मामले में चार गिरफ्तार।
मुख्य साजिशकर्ता शंकर राय की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी।
पुरानी राजनीतिक और पारिवारिक रंजिश घटना का मुख्य कारण।
जागरण संवाददाता, पटना। बुद्धा कालोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत चकारम स्थित एक अपार्टमेंट के बेसमेंट में वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्ञानवती देवी के पति पूर्व पार्षद अनिल कुमार यादव को गोली मारने के मामले में एसआइटी ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना में शामिल सभी के बारे में पता लगा लिया है। वहीं, मुख्य साजिशकर्ता शंकर राय की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर पुलिस की लगातार दबिश जारी है।
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में यह बात पूरी तरह से साफ हो चुकी है कि इस खूनी खेल के पीछे पुरानी राजनीतिक और पारिवारिक रंजिश मुख्य वजह है।
पीड़ित के परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपित शंकर राय और अन्य अज्ञात शूटरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। एसआइटी ने घटना में शामिल चार आरोपितों को धर दबोचा है।
दोनों पक्षों के बीच लंबे अरसे से अदावत चली आ रही है। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि पिछले नगर निगम चुनाव के दौरान पार्षद पति अनिल यादव और शंकर राय के बीच गहरा विवाद हुआ था।
इसके अलावा वारदात से ठीक कुछ दिन पहले दोनों परिवारों के बीच हुई हिंसक मारपीट इस गोलीबारी की तात्कालिक वजह बनी। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि शंकर राय ने ही पूरी साजिश रचकर पेशेवर शूटरों के जरिए अनिल यादव पर यह जानलेवा हमला करवाया है।
जटिल ऑपरेशन के बाद निकाली गई गोली, स्थिति चिंताजनक
उधर, शहर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे अनिल यादव की चिकित्सीय स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है। डाक्टरों की विशेष टीम ने शनिवार को एक बेहद जटिल ऑपरेशन को अंजाम देकर उनके शरीर में फंसी अंतिम गोली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
इसके बावजूद जोखिम को देखते हुए उन्हें फिलहाल गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) में डाक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
शनिवार को पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिजनों से विस्तृत पूछताछ की और दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद का पूरा ब्योरा दर्ज किया। पुलिस जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि वारदात को अंजाम देने वाले पेशेवर शूटरों की पहचान हो चुकी है।
गोलीबारी करने के बाद सभी हमलावर जेपी गंगा पथ के रास्ते शहर से बाहर भाग निकले। घटना के बाद से ही सभी शूटरों के मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहे हैं।
पुलिस की विशेष टीमें फरार शूटरों को दबोचने के लिए बिहार के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
यह भी पढ़ें- बांका में युवती से छेड़छाड़ का वीडियो हटाने की कवायद तेज, 49 यूआरएल को किया गया चिह्नित
यह भी पढ़ें- मुजफ्फरपुर में बेखौफ बदमाशों का तांडव, ऑटो का इंतजार कर रही महिला जेई के गले से सोने की चेन झपटी
