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बिहार में सटीक भूमि अभिलेखों से कम होंगे जमीन विवाद, अधिकारियों को मिल रही स्पेशल ट्रेनिंग

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:01 PM (IST)

बिपार्ड के महानिदेशक अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि सटीक भूमि अभिलेखों से जमीन विवाद कम होंगे। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों ...और पढ़ें

बिहार में सटीक भूमि अभिलेखों से कम होंगे जमीन विवाद, अधिकारियों को मिल रही स्पेशल ट्रेनिंग (AI Generated Image)

बिहार में सटीक भूमि अभिलेखों से कम होंगे जमीन विवाद, अधिकारियों को मिल रही स्पेशल ट्रेनिंग (AI Generated Image)

HighLights

  1. सटीक भूमि अभिलेखों से जमीन से जुड़े विवाद होंगे कम।

  2. प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त प्रशिक्षण महत्वपूर्ण।

  3. राजस्व संबंधी कार्य अब डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहे।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिपार्ड के महानिदेशक अरविंद कुमार चौधरी ने कहा है कि सटीक और स्पष्ट भूमि अभिलेख से जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे।

उन्होंने कहा कि कहा कि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का प्रशिक्षण प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में भूमि सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है, ऐसे में इस विषय की गहरी समझ अधिकारियों के प्रशासनिक करियर में उपयोगी साबित होगी।

उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन राज्य सरकार के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों को सर्वेक्षण के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी होना आवश्यक है।

वे बुधवार को यहां भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि राज्य में राजस्व संबंधी कार्यों को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि करीब दस वर्ष पहले तक झोले में लेकर चलने वाले राजस्व संबंधी कार्य अब लैपटॉप तक पहुंच गए हैं। यह बदलाव राजस्व प्रशासन में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है।

भू-अभिलेख एवं परिमाप के निदेशक सुहर्ष भगत ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञों की जानकारी दी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता-सह-सहायक दंडाधिकारी सौरव सिन्हा (मुजफ्फरपुर), अमित मीणा (भोजपुर), राज कृष्ण झा (पूर्वी चंपारण), नीलेश गोयल (गया जी), केतन शुक्ला (सहरसा), अंकुर त्रिपाठी (वैशाली, हाजीपुर), प्रिंस राज (नवादा), दीपक कुमार (पटना), कल्पना रावत (दरभंगा), फरकन्दा कुरैशी (बक्सर) और कुमुद मिश्रा (पूर्णिया) शामिल हुए।

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