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बेतिया में जमाबंदी फर्जीवाड़े पर प्रमंडलीय आयुक्त सख्त, दोषी कर्मी पर प्राथमिकी का आदेश

By Babul DeepEdited By: Ajit kumar
Published: Sat, 17 Oct 2026 01:51 PM (IST)

Betiha Jamabandi Fraud: बेतिया अंचल में 50 साल पुरानी जमाबंदी में फर्जीवाड़े पर प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कड़ा ...और पढ़ें

प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की फाइल फोटो।

प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की फाइल फोटो।

HighLights

  1. प्रमंडलीय आयुक्त ने जमाबंदी फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाया।

  2. दोषी कर्मी पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

  3. मूल जमाबंदी बहाल कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। Bettiah Jamabandi Fraud: पश्चिम चंपारण के बेतिया अंचल में 50 साल पुरानी जमाबंदी में फर्जीवाड़े के मामले में प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने जिलाधिकारी पश्चिम चंपारण को दोषी कर्मी पर प्राथमिकी दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही जमाबंदी में परिवर्तन का आदेश देने वाले अधिकारी का नाम स्पष्ट करने को कहा है।

50 वर्ष पुरानी जमाबंदी का मामला

यह मामला मौजा व हल्का पूर्वी कर्गहिया, अंचल बेतिया की जमाबंदी संख्या-105 से जुड़ा हुआ है। परिवादी के अनुसार 50 वर्षों से अधिक समय से 5 एकड़ 62.5 डिसमिल की जमाबंदी उनके पिता के नाम से चली आ रही है और लगातार लगान भी जमा किया जा रहा है।

आरोप है कि बिना सक्षम न्यायालय के आदेश के इस जमाबंदी को शून्य कर किसी अन्य असंबद्ध व्यक्ति के नाम पर ऑनलाइन दर्ज कर दिया गया।

हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन

इसके लिए आधार बनाया गया कि उक्त खाता-खेसरा बेतिया राज से संबंधित है, जबकि वर्तमान में उस भूमि का बेतिया राज से कोई संबंध नहीं है। इस मामले में हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि लंबी चली आ रही जमाबंदी को बिना सक्षम न्यायालय के आदेश के न तो निरस्त किया जाए और न ही उसमें छेड़छाड़ की जाए।

आयुक्त ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह लाभ से प्रेरित होकर किया गया कृत्य प्रतीत होता है, जो क्रिमिनल एक्ट के तहत आता है।

प्रमंडलीय आयुक्त की सख्त टिप्पणी

आयुक्त ने इसे केवल जमाबंदी रद्दीकरण नहीं, बल्कि फ्रॉड का मामला बताया है। प्रमंडलीय आयुक्त ने 21 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही जिलाधिकारी पश्चिम चंपारण, अपर समाहर्ता राजस्व और अंचल अधिकारी बेतिया को उसी दिन दोपहर तीन बजे सभी तथ्यों के साथ आयुक्त कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है।

प्रशासन से पांच बिंदुओं पर जवाब

आयुक्त ने इस पूरे मामले में पांच प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा है। उन्होंने निर्देश दिया कि गलत जमाबंदी को तत्काल सही कर मूल व्यक्ति के नाम कायम किया जाए और दोषी कर्मी पर प्राथमिकी हो। इसके अलावा किस पदाधिकारी के आदेश से जमाबंदी शून्य कर दूसरे के नाम की गई, उसका नाम और आदेश की प्रति प्रस्तुत करने को कहा है।

जमीन का रकबा गायब होने पर सवाल

नई जमाबंदी केवल 53 डिसमिल की कायम की गई है, जबकि कुल रकबा 5 एकड़ 62.5 डिसमिल है, इसलिए शेष जमीन की जमाबंदी कहां गई इसे स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

साथ ही डीएम या अपर समाहर्ता स्तर से सीओ को किस आधार पर आदेश दिया गया था, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है।

सीओ बेतिया से पूछा गया है कि ऑनलाइन जमाबंदी में छेड़छाड़ कैसे हुई और दोषी कर्मियों पर क्रिमिनल प्रोसीडिंग चलाने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

आयुक्त ने प्रमंडल के सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राजस्व मामलों का विधिवत निष्पादन करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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