नालंदा के गौतम कॉलेज में चौथे दिन भी बवाल, रिजल्ट से नाराज छात्रों ने की तोड़फोड़; लाखों का नुकसान
रहुई के गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज में परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और फीस वसूली को लेकर छात्रों ने लगातार चौथे दिन तोड़फोड़ और हंगामा किया।

कॉलेज में की गई तोड़फोड़। (जागरण)
HighLights
छात्रों ने परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी और फीस वसूली पर विरोध किया।
कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ हुई, लाखों के नुकसान का दावा किया गया।
प्रशासन के हस्तक्षेप से छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका मिला।
संवाद सूत्र, रहुई। भागनबिगहा स्थित गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में शनिवार को लगातार चौथे दिन आक्रोशित छात्रों ने जमकर बवाल काटा।
परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी, पढ़ाई की व्यवस्था और फीस वसूली को लेकर नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन के साथ जमकर तोड़फोड़ की।
कॉलेज कर्मियों के अनुसार, विरोध के दौरान सीसीटीवी कैमरे, बेंच-डेस्क, टीवी, प्रिंटर, कंप्यूटर, मॉनिटर, स्मार्ट क्लास से जुड़े उपकरण, दरवाजे-खिड़कियों के शीशे समेत कई सामान क्षतिग्रस्त हुए हैं जिसमें खालों रुपये के नुकसान का दावा किया है।
स्थिति बिगड़ने की सूचना पर भागनबिगहा, वेना और रहुई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। रहुई के बीडीओ धर्मराज कुमार और सीओ राजकमल ने भी कॉलेज पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया।
वहीं, छात्रों का प्रतिनिधिमंडल अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी उदिता सिंह से मिलने भी पहुंचा। कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए फिजियोथेरेपी फर्स्ट ईयर के छात्र विवेक कुमार का आरोप है कि उनका सत्र करीब दो साल पीछे चल रहा है।
शिक्षकों के लगातार बदलने से पढ़ाई प्रभावित होने के साथ ही प्रैक्टिकल नहीं कराए जाने का भी आरोप लगाया। वहीं बीएससी नर्सिंग 2023-27 बैच के छात्र बिट्टू कुमार ने परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाते हुए कथित तौर पर परीक्षा ‘मैनेज’ कराने के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए जाने का आरोप लगाया।
बीएससी नर्सिंग 2024-28 बैच के छात्र ऋषिकेश पटेल ने प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट में करीब 85 प्रतिशत छात्रों के फेल होने का दावा किया।
छात्रों ने परीक्षा और प्रैक्टिकल के नाम पर कथित वसूली तथा शिक्षकों के पढ़ाई के बजाय सोशल मीडिया रील्स बनाने में व्यस्त रहने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से भी छात्रों के सभी आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कार्यालय कर्मी ममता सिन्हा ने छात्रों के परीक्षा मैनेज के लिए अतिरिक्त पैसे लिए जाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर कॉलेज बातचीत कर रहा था और फेल छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने तथा उसके लिए लगने वाली दोबारा परीक्षा फी कॉलेज की ओर से वहन करने पर सहमति बनी थी।
कर्मचारी के मुताबिक विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा परिणाम और टेबुलेशन परिणाम से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर भी कॉलेज की ओर से जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा था।
उनका आरोप है कि इसके बावजूद छात्रों ने उग्र होकर कॉलेज में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की। उन्होंने सीसीटीवी, कंप्यूटर, रिकार्ड, स्मार्ट क्लास और अन्य सामान क्षतिग्रस्त होने तथा कुछ सामान अपने साथ ले जाने का भी दावा किया।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रहुई सीओ राजकमल ने बताया कि छात्रों की मांगें पिछले दो दिनों से संस्थान प्रबंधन तक पहुंचाई जा रही थीं।
बातचीत के बाद कॉलेज इस बात पर सहमत हुआ है कि जिन छात्रों का परीक्षा परिणाम खराब हुआ है या जो फेल हुए हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा और इसके लिए उनसे अतिरिक्त फी नहीं ली जाएगी।
प्रशासन के अनुसार छात्रों ने भी इस समझौते पर सहमति जताई है और आगे हंगामा या तोड़फोड़ नहीं करने का आश्वासन दिया है।
तनावपूर्ण है स्थिति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी पक्ष की ओर से गैर-कानूनी गतिविधि या उपद्रव किया गया तो पुलिस एफआईआर दर्ज की जा सकती है। फिलहाल कॉलेज परिसर में स्थिति सामान्य लेकिन तनावपूर्ण है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात है। कॉलेज प्रबंधन ने अगले आदेश तक छुट्टी घोषित कर दी है।
संस्थान के कार्यकारी सचिव डॉ विनोद कुमार बताया कि बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज के अंतर्गत आने वाले बिहार राज्य के करीब दो सौ कॉलेजों में सिर्फ दो कॉलेज को छोड़कर सारे कॉलेज की परीक्षा परिणाम की यही स्थिति है और सभी जगह इसी तरह का माहौल बना हुआ है।
