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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाबा गरीबनाथ मंदिर को उपयोग के लिए दी गई जमीन पर वक्फ का दावा, DM तक पहुंचा एक पत्र

Published: Wed, 01 Jan 2025 10:23 PM (IST)

बिहार में एक मंदिर को नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री के लिए मिली जमीन पर वक्फ ने दावा किया है जिस ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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HighLights

  1. वक्फ बोर्ड के दावे के बाद बिहार स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने जिलाधिकारी से मांगा जवाब
  2. न्यास समिति के आग्रह पर जमीन को नगर आयुक्त ने उपयोग के लिए दी थी स्वीकृति

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बाबा गरीबनाथ मंदिर को नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री के लिए मिली जमीन पर वक्फ ने दावा किया है। इस दावे के बाद बिहार स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल ने मामले में मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी को जवाब दाखिल करने को कहा है।

मामले में वक्फ ट्रिब्यूनल के सामने जिले का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता अंजुम अख्तर ने डीएम को पत्र भेजा है। इसमें मामले में जवाब देने के लिए किसी योग्य पदाधिकारी को निर्देश देने का आग्रह किया है। यह जवाब डीएम और मुशहरी के सीओ की तरफ से दिया जाना है।

विदित हो कि वर्ष 2022 में तत्कालीन नगर आयुक्त विवेक रंजन ने 270 वर्गफीट (18x15) जमीन श्रीगरीबनाथ मंदिर न्यास समिति को प्रयोग करने के लिए दी थी। न्यास समिति के आग्रह पर तत्कालीन डीएम के निर्देश पर उन्होंने यह अनुमति दी थी।

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को भेजा गया पत्र

  • इस अनुमति के विरोध में सोगर वक्फ इस्टेट के मो. कमाल अहमद ने बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र भेजकर जांच कराते हुए विधि सम्मत कार्रवाई का आग्रह किया था।
  • इसमें कहा गया था कि छाता बाजार स्थित इमामबाड़े की जमीन श्रीगरीबनाथ न्यास समिति को दी गई है। 29 मार्च 1989 को छाता बाजार के इमामबाड़े को वक्फ की संपत्ति निबंधित कर दी गई है।
  • पिछले वर्ष बिहार स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला आया। अधिवक्ता मो. अंजुम अख्तर ने डीएम को भेजे पत्र में लिखा है कि उक्त जमीन को नैवेद्यम प्रसाद वितरण के लिए निगम की ओर से दिया गया था।

13 दिसंबर को हुई थी सुनवाई

इस मामले में वाद दायर होने के बाद इस वर्ष 13 दिसंबर को सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने पूछा कि वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पत्र पर क्या कार्रवाई की गई।

अगली तिथि को इसका जवाब दाखिल किया जाना है। इसे देखते हुए शीघ्र जवाब तैयार किया जाए। इस मामले में अपर समाहर्ता एवं मुशहरी के अंचलाधिकारी को सूचना के साथ आवश्यक कार्रवाई का आग्रह जिला विधि प्रशाखा की ओर से किया गया है।

वहीं इस मामले में श्री बाबा गरीबनाथ न्याय समिति के सचिव एनके सिन्हा ने कहा कि निगम की ओर से जमीन उपयोग के लिए दी थी। न्यास की इसमें कोई भूमिका नहीं है।

भूमि कब्जा के लिए मिली धमकी, विधायक से गुहार

नौतन अंचल क्षेत्र के सनसरैया गांव में भूस्वामी मोहम्मद जहांगीर मियां के पुत्रों ने न्यायालय से डिग्री मिलने के बाद भूमि पर दखल कब्जा मिलने के बाद जान से मारने की धमकी मिल रही है। भूस्वामी के पुत्रों से विधायक से मिलकर गुहार की है।

बताया कि उनका जमीन जिसका खाता संख्या-99, खेसरा संख्या 1009 रकबा एक कट्ठा साढ़े नौ धूर है। जिसका रसीद भी कट रहा है।

उक्त जमीन पर गांव के ही कुछ लोग डरा धमकाकर जमीन को हड़पने की कोशिश कर रहे है। जबकि उक्त जमीन पर आरोपियों द्वारा मुकदमा भी किया गया था। जहां वर्ष 2009 में कोर्ट द्वारा डिग्री भी मिल चुकी है। वहीं वर्ष 2022 में कोर्ट के आदेश पर भूमि पर प्रशासन की ओर से कब्जा दिलाया गया था।

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