समस्तीपुर, जासं । समस्तीपुर-खगडिय़ा रेलखंड पर शनिवार को रोसड़ा-नयानगर स्टेशन के समपार फाटक संख्या-11 सी के पास जयनगर से मनिहारी ( कटिहार) जा रही डाउन जानकी एक्सप्रेस ( 05284) एक क्रेन से टकरा गई। इसमें ट्रेन का इंजन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। क्रेन चालक मनोज कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद डीएमसीएच (दरभंगा) रेफर कर दिया गया। घटना के दौरान जोरदार आवाज से अफरातफरी मच गई। ट्रेन से कूदे कई यात्री चोटिल हो गए। सूचना के बाद आरपीएफ थानाध्यक्ष रामनिवास, थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी पुलिस बल के साथ पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। दो घंटे बाद समस्तीपुर से दूसरा इंजन लाया गया। इसके बाद ट्रेन को पीछे से खींचकर रुसेड़ाघाट स्टेशन की ओर ले गया। इस दौरान करीब साढ़े चार घंटे तक परिचालन बाधित रहा। एडीआरएम जफर आजम ने भी वहां का जायजा लिया। 

रेलवे का चल रहा था काम :

जानकी एक्सप्रेस रुसेड़ाघाट स्टेशन से सुबह आठ बजे खुलकर नयानगर स्टेशन के समपार फाटक संख्या-11 सी के निकट पहुंची। इसी बीच फाटक के रास्ते क्रेन भी गुजर रही थी। ट्रेन से जोरदार टक्कर के बाद क्रेन फाटक तोड़कर रेल ट्रैक से दस फीट बाहर पलट गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेलवे का काम चल रहा था। इस कारण क्रेन को उस पार ले जाने के लिए फाटक खोला गया था। लेकिन, रेलवे का काम कर रहे कर्मियों को ट्रेन आने की सही जानकारी नहीं थी। क्रेन फाटक के अंदर घुसी तो अचानक ट्रेन भी आ गई। ट्रेन की स्पीड काफी ज्यादा थी। चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की। मगर कोशिश नाकाम रही और बड़ा हादसा हो गया। 

यात्री सहायता केंद्र खुला :

हादसे के बाद नयानगर स्टेशन पर यात्री सहायता केंद्र खोला गया। हेल्पलाइन से लोगों को स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही थी। हालांकि, किसी ने काउंटर पर आकर संपर्क नहीं किया। समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सरस्वती चंद्र का कहना है कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाई होगी। 

 भगवान की कृपा थी कि हम बाल-बाल बच गए

समस्तीपुर-खगडिय़ा रेलखंड के रोसड़ा एवं नयानगर स्टेशन के बीच बखरी ढ़ाला के निकट हुई ट्रेन दुर्घटना के पश्चात यात्रियों में दहशत का भाव स्प्ष्ट रूप से देखा जा रहा था। समस्तीपुर से सहरसा जा रहे सुमित रिचर्ड ने कहा कि जोरदार आवाज के साथ झटका खाते ही वह सीट के नीचे गिर गए। मेरे तो होश ही उड़ गए। कई लोग सीट से गिरकर नीचे आ गए थे। यह तो भगवान की कृपा थी कि हम बाल-बाल बच गए। रेल ट्रैक पर जेसीबी व पोकलेन से ट्रेन कर टकराना हजारों यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है । निश्चित रूप से दोषी के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। दरभंगा से हसनपुर रोड लौट रहे लखन लाल अग्रवाल तथा सकरी से कटिहार जा रहे विष्णु मंडल  ने कहा कि घटना के समय वे अखबार पढ़ रहे थे। अचानक आए झटके से पूरे आगे की ओर झुक गए। सभी यात्री पूरी तरह भयभीत हो गए थे। रोसड़ा से पूर्णिया जा रही आशा देवी एवं समस्तीपुर से खगडिय़ा जा रही बबीता कुमारी तो इस हादसे के बाद कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी। बबीता ने छोटे बच्चे को काफी देर तक परेशान रहने की जानकारी दी। इसके अलावा यात्री वीणा देवी, रवीश कुमार, सत्येंद्र यादव, चांदनी कुमारी समेत दर्जनों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए दुर्घटना से दहशत और परेशानी का जिक्र किया। आक्रोशित यात्रियों ने एक स्वर से रेलवे की व्यवस्था पर आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे। 

यात्रियों में मच गई थी चीख-पुकार 

जोरदार आवाज के साथ झटका खाते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई थी। कई बच्चों के रोने की आवाज देर तक सुनाई पड़ती रही। 8:15 बजे सुबह हुई घटना के एक घंटा 21 मिनट पश्चात 9.36 बजे रिलीफ इंजन समस्तीपुर से रोसड़ा स्टेशन पहुंची। उक्त इंजन के सहारे ही दुर्घटनाग्रस्त जानकी एक्सप्रेस के ईंजन को खींच कर घटनास्थल से रोसड़ा स्टेशन पर 10.40 बजे लाया गया। इस बीच रेलवे ट्रैक क्लियर किया गया। करीब 11.55 बजे उक्त ट्रेन अपने गंतव्य मनिहारी की ओर रवाना हुई। स्टेशन पर एक घंटा 15 मिनट तक रुके ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत के साथ-साथ उनकी परेशानी भी स्पष्ट दिख रही थी। साथ ही दुर्घटना को ले व्यवस्था पर प्रश्न खड़ा करते हुए आक्रोश भी जता रहे थे। कई लोग विशेष कार्य से खगडिय़ा सहरसा व पूर्णिया तक का यात्रा कर रहे थे। हालांकि अधिकांश यात्री बाल बाल बचने के लिए ऊपर वाले को ही धन्यवाद दे रहे थे।

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पूर्व में भी हो चुका है हादसा 

समस्तीपुर - खगडिय़ा रेल खंड के बीच एक वर्ष के अंतराल में शनिवार को यह दूसरा रेल हादसा है। हालांकि आज के हादसे में कोई भी यात्री हताहत नहीं हुए। लेकिन जबरदस्त टक्कर के बाद भय से ट्रेन से कूद रहे कुछ यात्री हल्की जख्मी जरूर हो गए। बता दें कि 16 जनवरी 20 को हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन के सकरपुरा रेलवे ढाला के निकट पेसेंजर ट्रेन और बैलगाड़ी की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई थी। उक्त रेलवे ढाला पर तैनात गेट मेन की लापरवाही से 63348 डाउन सवारी गाड़ी में सवार पांच यात्रियों की दर्दनाक मौत गन्ना से लदी बैलगाड़ी से टकरा कर हो गई थी जबकि दो अन्य यात्री जख्मी हो गए थे। उस दिन 63348 डाउन सवारी गाड़ी अपने निर्धारित समय 1 बजे दिन में समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से प्रस्थान कर सहरसा के लिए रवाना हुई थी। करीब 2 बजकर 54 मिनट पर नयानगर रेलवे स्टेशन से रवाना होकर ज्योंही सकरपुरा रेलवे गुमती के निकट पहुंचने ही वाली थी कि महुआ गांव की ओर से गन्ना से लदी बैलगाड़ी रेल ट्रैक के निकट आकर फंस गई। तेज रफ्तार से आ रही सवारी गाड़ी बैलगाड़ी को छूते हुए निकलने लगी। जिसमें ट्रेन के गेट पर लटके 7 यात्री बैलगाड़ी की ठोकर लगते ही गंभीर रूप से जख्मी होते हुए पटरी पर बारी-बारी से गिरते गए। इसमें हसनपुर चीनी मिल के अस्पताल में कार्यरत कर्मी सुधीर कुमार मुन्ना का 22 वर्षीय पुत्र प्रवीण कुमार, हसनपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर ग्राम निवासी विश्वविजय प्रसाद ङ्क्षसह का 25 वर्षीय पुत्र कंचन कुमार ङ्क्षसह,बेगूसराय जिले के खोदाबन्दपुर के रामबाबू राय सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। 

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