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बिहार में डेढ़ लाख से अधिक वेतन पाने वाले शिक्षकों के अभिलेख की होगी जांच

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:55 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में शिक्षा विभाग शिक्षकों के वेतन और बकाया राशि के भुगतान में गड़बड़ी की जांच तेज कर रहा है। ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. शिक्षकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी की जांच तेज।

  2. डेढ़ लाख से अधिक वेतन पाने वालों की समीक्षा।

  3. मृत, सेवानिवृत्त शिक्षकों के भुगतान की भी जांच।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले में शिक्षकों के वेतन और बकाया राशि के भुगतान में गड़बड़ी पकड़ने को लेकर शिक्षा विभाग ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) स्थापना ने वेतन भुगतान प्रभारी लिपिक से वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों के संधारण और विस्तृत समीक्षा को लेकर संबंधित कर्मियों से बिंदुवार प्रतिवेदन मांगा है।

इसमें डेढ़ लाख और दो लाख रुपये से अधिक वेतन पाने वाले शिक्षकों के भुगतान की गहन समीक्षा कर अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मृत, सेवानिवृत्त और निलंबित शिक्षकों के वेतन भुगतान की स्थिति की भी जांच होगी। विभाग के इस कदम से कई कर्मियों की बेचैनी बढ़ गई है।

डेढ़ लाख और दो लाख से अधिक वेतन पाने वालों की होगी समीक्षा

शिक्षा विभाग ने वैसे शिक्षकों के वेतन भुगतान की विशेष समीक्षा करने को कहा है, जिनका मासिक वेतन डेढ़ लाख रुपये अधिक है। ऐसे कितने शिक्षक हैं, जिन्हें निर्धारित सीमा से अधिक वेतन का भुगतान किया जा रहा है, इसका पूरा ब्योरा तैयार करना है।

संबंधित कर्मियों को इन भुगतानों की गहन समीक्षा कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से वेतन निर्धारण और भुगतान से संबंधित रिकार्ड का सत्यापन होगा। ताकि त्रुटि या अनियमितता सामने आने पर उसका पता लगाया जा सके।

मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों के भुगतान की भी होगी जांच

मृत, सेवानिवृत्त और निलंबित शिक्षकों के वेतन भुगतान से संबंधित प्रतिवेदन भी मांगा गया है। संबंधित कर्मियों को यह स्पष्ट करना होगा कि इन श्रेणियों के शिक्षकों के मामले में वेतन भुगतान की स्थिति क्या है।

ऐसे मामलों में भुगतान से जुड़े अभिलेख की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर वेतन के अलावा एरियर, पेंशन, विभिन्न प्रकार के अवकाश और अन्य मदों में किए गए भुगतान की भी समीक्षा होनी है।

विभाग ने इन सभी प्रकार के भुगतानों के नियमसम्मत होने से संबंधित प्रतिवेदन मांगा है। संबंधित कर्मियों को उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह बताना होगा कि भुगतान निर्धारित नियमों के अनुरूप किया गया है या नहीं।

इससे बकाया वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय देनदारियों के भुगतान से संबंधित रिकार्ड की जांच की जा सकेगी। उधर, डीपीओ स्थापना ने वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों के साथ निगेटिव लिस्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। संबंधित मेकर, वेतन भुगतान प्रभारी और लिपिकों को निर्धारित बिंदुओं पर रिकार्ड तैयार कर उपलब्ध कराना होगा।

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