2.21 करोड़ से मुजफ्फरपुर और रामदयालुनगर के बीच 2 किमी में बनेगी आरसीसी चहारदीवारी
Samastipur Division Railway Works: मुजफ्फरपुर और रामदयालुनगर के बीच रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत आवाजाही रोकने के लिए 2.21 करोड़ रुपये की लागत से 2 किलोमीटर लंबी आरसीसी चहारदीवारी बनेगी।

विकास परियोजना पर कुल 2.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
HighLights
मुजफ्फरपुर-रामदयालुनगर रेलखंड पर 2 किमी लंबी दीवार का निर्माण।
2.21 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा और अतिक्रमण रोकथाम।
समस्तीपुर मंडल में यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विकास।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Ramdayalnagar Railway Wall: जंक्शन से रामदयालुनगर के बीच रेललाइन के किनारे अनधिकृत आवाजाही और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है।
इस रेलखंड पर सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से दो किलोमीटर लंबी आरसीसी चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण विकास परियोजना पर कुल 2.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जिससे ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में बहुत मदद मिलेगी।
सुरक्षा और अतिक्रमण रोक
रामदयालुनगर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर किलोमीटर संख्या 50/00 से 52/00 के बीच यह चहारदीवारी बनाई जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्य को पूरा करने के लिए नौ महीने की समयसीमा तय की है। इस दीवार के बन जाने से ट्रैक के आसपास होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी और हादसों की आशंका को कम किया जा सकेगा।
मंडल में अन्य कार्य
इसके साथ ही समस्तीपुर रेल मंडल में संरक्षा, यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कई अन्य कार्य भी तेजी से कराए जाएंगे।
इनमें समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के विभिन्न समपार फाटकों की सड़क सतह की मरम्मत, गेट लॉज की मरम्मत और फेंसिंग जैसे कार्य शामिल हैं। इन सुधारों से सड़क मार्ग से गुजरने वाले आम लोगों को भी काफी सहूलियत मिलेगी।
यात्री सुविधाएं और जलापूर्ति
योजना के तहत मुरलीगंज स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक की ऊंचाई बढ़ाने और दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाएं विकसित करने का काम होगा।
इसके अलावा दरभंगा की रेलवे कॉलोनियों में 50 हजार गैलन क्षमता की आरसीसी टंकी बनाकर जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा और पुरानी जर्जर पाइपलाइनों को बदला जाएगा।
जल निकासी और सुधार
रेलवे की ओर से सकरी-निर्मली और घोघरडीहा-निर्मली रेलखंडों में पुलों के पास संप और नाला निकासी के निर्माण कार्य भी संपन्न कराए जाएंगे।
इन सभी विकासात्मक कार्यों से न केवल रेल परिचालन की सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि रेलवे कॉलोनियों में पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी।
यह भी पढ़ें- पर्व के दौरान मुजफ्फरपुर जंक्शन पर खत्म होगी भागदौड़, पहले से तय होंगे ट्रेनों के प्लेटफार्म