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मुजफ्फरपुर में फर्जी दाखिल-खारिज का खेल, निलंबित सीओ-आरओ से पूछताछ में खुलेंगे कई और राज

Published: Sun, 11 Oct 2026 05:40 PM (IST)

मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल में फर्जी दाखिल-खारिज मामले में निलंबित सीओ और आरओ से पूछताछ के बाद अंचल कार्यालय के ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. फर्जी दाखिल-खारिज मामले में नए नाम सामने आए।

  2. मुशहरी अंचल के कर्मी और अटॉर्नी जांच के दायरे में।

  3. पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल खंगाल रही, कार्रवाई की तैयारी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जमीन के केवाला की फर्जी दस्तावेज तैयार कर दाखिल-खारिज करने के खेल में मुशहरी के निलंबित अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करूण करण से पूछताछ में अंचल कार्यालय से जुड़े कई और नाम सामने आए है।

विशेष पुलिस टीम मुशहरी अंचल कार्यालय के कई कर्मी व अर्टनियों पर कार्रवाई की रणनीति तैयार की है। इसके लिए कई कर्मियों के मोबाइल नंबर को रडार पर लिया गया है।

इन सभी के मोबाइल का काल डिटेल खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के लिए बिचौलिए का काम करने वाले के कई के नाम भी पुलिस के सामने आए हैं। इन सभी पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

विदित हो कि शुक्रवार को अहियापुर थाने की पुलिस ने मुशहरी के निलंबित सीओ व आरओ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। भारत सरकार के मिनिस्ट्री आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी, नई दिल्ली से सेवानिवृत्त अवर सचिव अहियापुर सहबाजपुर निवासी विजय कुमार ने पुश्तैनी 70 डिसमिल जमीन की फर्जी तरीके से दाखिल खारिज करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी कराई थी।

प्राथमिकी में बेलसंड विधायक अमित रानू, उनके भाई अभिनव कुमार, मुशहरी सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला, आरओ करुण करण समेत अन्य को आरोपित किया गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि बेलसंड विधायक के सिंडकेट से मिलकर सीओ व आरओ ने फर्जी तरीके से दाखिल खारिज किया था।

इस खेल में शामिल बेलसंड विधायक के सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी पुलिस तलाश कर रही है। उन सभी की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को भी कई जगहों पर छापेमारी की गई, लेकिन और कोई पकड़ा नहीं गया। 

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